प्रणव कुमार अभय
बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ के संकेत मिल रहे हैं, जहाँ पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने की चर्चाएं तेज हैं। नए सत्ता समीकरण के तहत बीजेपी मुख्यमंत्री पद अपने पास रख सकती है, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला सामने आ रहा है। इस बदलाव में सबसे चौंकाने वाला नाम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का है, जिन्हें न केवल विधान परिषद भेजे जाने की तैयारी है, बल्कि चर्चा है कि वे भविष्य में JDU की कमान भी संभाल सकते हैं।
मुख्यमंत्री की इस हाई-प्रोफाइल रेस में वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। गृह मंत्रालय संभाल रहे सम्राट चौधरी न केवल पीएम मोदी और अमित शाह के भरोसेमंद हैं, बल्कि ‘लव-कुश’ समीकरण में भी पूरी तरह फिट बैठते हैं। उनके साथ ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी मजबूती से दौड़ में शामिल है। यादव समुदाय से आने वाले नित्यानंद राय का लंबा संसदीय अनुभव और संगठन पर पकड़ उन्हें इस पद का प्रबल दावेदार बनाती है।
इन दिग्गजों के अलावा, बीजेपी जनकराम के रूप में एक बड़े दलित चेहरे पर भी दांव लगा सकती है। गोपालगंज से पूर्व सांसद और नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके जनकराम अपनी साफ-सुथरी छवि और शिक्षित दलित नेता के तौर पर जाने जाते हैं। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग को साधने के लिए बीजेपी उन्हें आगे कर सकती है। फिलहाल, पटना से दिल्ली तक कयासों का बाजार गर्म है और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि बिहार की कमान अंततः किसके हाथों में जाएगी।
