डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव से ठीक पहले जेडीयू के भीतर चल रही खींचतान तेज हो गई है। जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच, मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने उनकी बीमारी को लेकर तंज कसा है। अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बूथ पर पैसे भेजने की जरूरत पड़ने पर नीरज कुमार बीमार पड़ जाते हैं और अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं। उनके इस बयान से चुनाव के बीच दोनों नेताओं के बीच जारी विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि नीरज कुमार का बीमार पड़ना उनकी पुरानी आदत है। उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ पर पैसे भेजने का समय आने पर नीरज कुमार अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं और कुछ समय बाद ठीक होकर बाहर आ जाते हैं। हालांकि, बीमारी को चुनावी बहाना बताने और बूथों पर पैसे भेजने से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें अनंत सिंह के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आए हैं। अनंत सिंह जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं और जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। इस तरह वह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनावी मैदान में सक्रिय हैं। अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए नीरज कुमार का विरोध जारी रखने की बात कही है।
दूसरी ओर, नीरज कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता है। इस बीच, अनंत सिंह के बयान ने चुनावी माहौल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है। पटना स्नातक सीट पर जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ पार्टी के ही विधायक का प्रचार करना मुकाबले को दिलचस्प बना रहा है। चुनाव से पहले सामने आई यह अंदरूनी खींचतान जेडीयू के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकती है।
