विशेष रिपोर्ट: प्रणव कुमार अभय / नई दिल्ली
36 दिनों के लंबे और संघर्षपूर्ण सीजेपी (CJP) छात्र आंदोलन के सुखद अंत और मांगों के स्वीकार होने की आधिकारिक घोषणा होते ही राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर विजय उत्सव के रंग में रंग गया। सरकार के साथ सफल वार्ता और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर जैसे ही जंतर-मंतर पहुंची, वहां मौजूद हजारों छात्रों के चेहरे खिल उठे और पूरा परिसर उल्लास से सराबोर हो गया। देखते ही देखते देश भर के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से आए छात्रों का भारी हुजूम जंतर-मंतर पर उमड़ पड़ा। हफ़्तों से जारी तनाव और अनिश्चितता का माहौल अचानक एक ऐतिहासिक उत्सव में तब्दील हो गया और छात्रों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर इस अभूतपूर्व जीत की बधाई दी।
जश्न के इस माहौल में जंतर-मंतर पर चारों तरफ लहराते तिरंगे और ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारे गूंजते रहे। दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, जामिया मिलिया इस्लामिया सहित देश भर के परिसरों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप और देशभक्ति गीतों पर झूमकर अपनी खुशी का इजहार किया। कड़े संघर्ष के बाद मिली इस सफलता पर कई भावुक पल भी देखने को मिले, जहाँ दिन-रात धरने पर बैठे छात्र एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी से झूमते नजर आए। जंतर-मंतर पर उमड़ी अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, हालांकि पूरा माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और खुशगवार बना रहा।
इस विजय उत्सव के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने मंच से देश भर के छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस 36-दिवसीय आंदोलन में उनका निरंतर साथ दिया। छात्र नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ सीजेपी (CJP) नियमों में सुधार की जीत नहीं है, बल्कि यह देश की युवा शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों की एक मिसाल है। देर शाम तक चले इस भव्य जश्न के बाद छात्रों ने एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय देते हुए जंतर-मंतर स्थल की सफाई भी की और इसके बाद शांतिपूर्वक अपने-अपने हॉस्टलों व घरों की ओर प्रस्थान किया।
