यश पांडेय
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था, सुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था में आए व्यापक बदलावों को लेकर एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने सार्वजनिक मंच से गर्व के साथ कहा कि वर्तमान सरकार ने वर्षों तक उपद्रव, दंगे और अराजकता के लिए पहचाने जाने वाले उत्तर प्रदेश को एक ‘उत्सवपूर्ण प्रदेश’ के रूप में रूपांतरित कर दिया है। आज देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की पहचान किसी खौफनाक या पिछड़े राज्य की नहीं, बल्कि पूरी तरह कर्फ्यू-मुक्त और माफिया-मुक्त राज्य की बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विरोधियों और भ्रामक प्रचार करने वालों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि जब सरकार पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जनता के हित में धरातल पर काम करती है, तो उसके खिलाफ कोई कितना भी नकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास कर ले, वह षड्यंत्र कभी सफल नहीं हो सकता क्योंकि जनता स्वयं सच्चाई की गवाह होती है।
उत्तर प्रदेश के अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब राज्य के कई जिलों में आए दिन सांप्रदायिक तनाव, कर्फ्यू और संगठित आपराधिक गिरोहों का बोलबाला रहता था। दंगा संस्कृति और माफिया राज के कारण न केवल आम नागरिकों का जीवन अस्त-व्यस्त था, बल्कि व्यापार, निवेश और विकास की गति भी पूरी तरह ठप पड़ चुकी थी। लेकिन बीते वर्षों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चलते हुए पुलिस और प्रशासन ने जिस कठोरता के साथ बड़े से बड़े माफिया तंत्र और दुर्दांत अपराधियों के साम्राज्य को ध्वस्त किया है, उसी का परिणाम है कि आज पूरे प्रदेश में शांति, सौहार्द और भयमुक्त माहौल का राज है। अब हर धर्म और वर्ग के त्योहार बिना किसी आशंका के अत्यंत उल्लास और उमंग के साथ मनाए जा रहे हैं, जिसने यूपी को दंगों की भूमि के बजाय ‘उत्सवों की भूमि’ के रूप में पुनर्स्थापित किया है।
महिला सुरक्षा को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनचलों और अपराधियों को अंतिम चेतावनी जारी की। उन्होंने अत्यंत तीखे शब्दों में कहा, “आज नए उत्तर प्रदेश में किसी भी अपराधी या असामाजिक तत्व में यह दुस्साहस नहीं बचा है कि वह हमारी किसी बेटी या बहन की तरफ बुरी नीयत से आंख उठाकर भी देख सके। अगर कोई ऐसा दुस्साहस करने की भूल करेगा, तो उसे अच्छी तरह मालूम है कि उसका अंजाम क्या होगा और प्रशासन उसके खिलाफ कैसी नज़ीर पेश करने वाली कार्रवाई करेगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन शक्ति’ और एंटी-रोमियो स्क्वॉड जैसी पहलों के माध्यम से सड़कों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक महिलाओं की सुरक्षा का कड़ा चक्र तैयार किया गया है, जहाँ त्वरित पुलिस कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक अदालतों के जरिए अपराधियों को उनकी सही जगह पहुंचाया जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा राज्य की छवि को धूमिल करने के प्रयासों पर करारा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीनी हकीकत को हवाई बयानों और दुष्प्रचार से कभी नहीं बदला जा सकता। उन्होंने कहा कि नकारात्मक राजनीति करने वाले लोग जनता को भ्रमित करने की चाहे जितनी साजिशें रच लें, लेकिन जब नागरिक खुद अपने इलाके में सुरक्षित सड़कें, भयमुक्त व्यापारिक माहौल, नए एक्सप्रेसवे और रोजगार के अवसर देखते हैं, तो वे झूठे दावों को सिरे से खारिज कर देते हैं। जनहित और सुशासन के बल पर बनी यह साख किसी भी नकारात्मक नैरेटिव से कहीं अधिक मजबूत है। आज दुनिया भर के निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं क्योंकि उन्हें यहाँ कानून का राज और सुरक्षित माहौल दिखाई दे रहा है।
अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान की इस यात्रा को और अधिक तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल अपने इतिहास या सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि देश के सबसे तेजी से उभरते आर्थिक और औद्योगिक हब के रूप में जाना जा रहा है। कर्फ्यू और माफिया संस्कृति के स्थायी अंत के साथ, सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि उत्तर प्रदेश का हर नागरिक—चाहे वह कोई साधारण किसान हो, बड़ा व्यापारी हो या हमारी माताएं-बहनें पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में रहकर देश के निर्माण में अपना योगदान दे सके। सुरक्षा का यह मॉडल ही नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की असली पहचान है।
