नितिन गुप्ता/प्रणव कुमार
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव की विषयवस्तु ‘साझी कहानियां, साझा भविष्य’ है महोत्सव में ब्रिक्स के सदस्य एवं साझेदार देशों के 100 से अधिक रंगकर्मी, रंगमंच विशेषज्ञ, विद्वान, विद्यार्थी और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। महोत्सव में भारत के साथ थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस, वियतनाम, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान और इथियोपिया की भागीदारी होगी। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों की रंगमंचीय परंपराओं, समकालीन प्रस्तुतियों और साझा सांस्कृतिक मूल्यों को एक मंच पर लाकर सांस्कृतिक संवाद तथा जन-जन के बीच संपर्क को मजबूत करना है। संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, आईएएस ने महोत्सव के संबंध में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल है रंगमंच अपनी सृजनात्मक अभिव्यक्ति और मानवीय अनुभवों को साझा करने की क्षमता के माध्यम से विभिन्न समाजों और संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। यह महोत्सव इसी साझा सांस्कृतिक शक्ति का उपयोग करते हुए ब्रिक्स देशों के कलाकारों, रंगकर्मियों और दर्शकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। भारत ने वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है और इस दौरान सांस्कृतिक सहयोग को ब्रिक्स एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की अगस्त 2026 में आयोजित बैठक में अपनाए गए भोपाल घोषणा-पत्र में सांस्कृतिक सहयोग, लोगों के बीच संपर्क तथा कलाकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया था। भारत ने कलाकारों के बीच सहयोग और संपर्क को बढ़ावा देने के लिए एक स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री का प्रस्ताव भी रखा और ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल इसी व्यापक सांस्कृतिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह के माध्यम से सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों में सहयोग, कॉपीराइट, डिजिटल नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों पर सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सांस्कृतिक संपदा की वापसी तथा जलवायु अनुकूलन और सतत विकास में संस्कृति की भूमिका जैसे विषयों पर भी संवाद को आगे बढ़ाया जा रहा है इसी व्यापक सांस्कृतिक एजेंडे के बीच ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल कलाकारों के बीच व्यावसायिक आदान-प्रदान और संस्थागत सहयोग के लिए एक समर्पित मंच उपलब्ध कराएगा। महोत्सव में विभिन्न देशों के महत्वपूर्ण रंगमंच संस्थान और राष्ट्रीय स्तर के थिएटर संस्थान हिस्सा लेंगे। भारत की ओर से दो रंगमंचीय प्रस्तुतियां पेश की जाएंगी, जबकि सहभागी देश अपनी भाषाओं, रंगमंचीय परंपराओं और समकालीन रचनात्मक अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित करने वाली प्रस्तुतियां पेश करेंगे। रूस की ओर से दो रंगमंचीय दल महोत्सव में भाग लेंगे, इस दौरान शास्त्रीय, समकालीन और प्रयोगात्मक रंगमंच के विभिन्न रूप दर्शकों के सामने प्रस्तुत किए जाएगा। ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल का उद्घाटन 12 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय परिसर में किया जाएगा। इसके बाद नई दिल्ली के प्रमुख रंगमंच स्थलों पर प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। इनमें राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के अभिमंच सभागार और सम्मुख सभागार, कमानी सभागार, एल.टी.जी. सभागार और मेघदूत थिएटर शामिल है महोत्सव की प्रस्तुतियों के लिए दर्शकों को टिकट की सुविधा उपलब्ध होगी और दी गई जानकारी के अनुसार टिकट बुक माय शो के माध्यम से 200 रुपये प्रति टिकट की दर से उपलब्ध होंगे। महोत्सव केवल रंगमंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से कलाकारों और रंगमंच विशेषज्ञों के बीच गंभीर संवाद एवं व्यावसायिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। प्रस्तुतियों से जुड़े निर्देशकों, कलाकारों और निर्माण दल के सदस्यों की भागीदारी वाले इंटरैक्टिव कार्यशाला एवं परिचर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में प्रस्तुतियों की कलात्मक दृष्टि, विषय-वस्तु और निर्माण प्रक्रिया के साथ अभिनय परंपराओं, अभिनय पद्धतियों, मंच-सज्जा और तकनीकी डिजाइन पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। दर्शकों के साथ संवाद, प्रश्नोत्तर तथा विभिन्न देशों के रंगकर्मियों के बीच रचनात्मक अभ्यास भी इन सत्रों का हिस्सा होंगे। महोत्सव का व्यापक उद्देश्य ब्रिक्स देशों के रंगमंच समुदाय के बीच आपसी सीख, पेशेवर नेटवर्क और दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करना है, रंगमंच विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं और समकालीन जीवन से जुड़ी कहानियों को एक साथ प्रस्तुत करने की क्षमता रखता है ऐसे में यह महोत्सव रंगमंच को एक साझा भाषा के रूप में उपयोग करते हुए विभिन्न समाजों के बीच सांस्कृतिक संवाद और आपसी समझ को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। यह पहल न केवल विविध रंगमंचीय प्रस्तुतियों को दर्शकों तक पहुंचाएगी, बल्कि ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग, रचनात्मक साझेदारी और जन-जन के संपर्क को भी नई गति देगी। महोत्सव का आयोजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) द्वारा किया जाएगा। संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय इस आयोजन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 के माध्यम से कलाकारों, रंगकर्मियों, विद्वानों, विद्यार्थियों और दर्शकों को एक साझा कलात्मक मंच पर लाकर सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
