नितिन गुप्ता। प्रणव कुमार

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय की आर्ट्स फैकल्टी के सामने दिल्ली विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हाल के दिनों में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं के विरोध में वीसी ऑफिस के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। अभाविप कार्यकर्ताओं ने घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली सरकार से छात्राओं की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर घटनाएँ सामने आई हैं। LSR के बैक गेट के पास दुष्कर्म की घटना, विजय नगर क्षेत्र में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना तथा JNU में छात्रा द्वारा बाहरी व्यक्तियों के संबंध में की गई शिकायत ने विश्वविद्यालय परिसरों और उनके आसपास महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है।

गौरतलब हो कि पिछले 10 दिनों में दिल्ली के अलग अलग स्थानों पर महिलाओं के साथ हिंसा की घटना सामने आयीं है उसने पूरे दिल्ली को झकझोरने का काम किया है। अभाविप दिल्ली पुलिस से यह माँग करती है कि जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार करके उनके ऊपर फास्टट्रैक कोर्ट में केस चलाकर सख्त से सख्त करवाई की जाए।

अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में महिलाओं और छात्राओं के साथ सामने आई घटनाओं ने पूरे छात्र समुदाय को आहत किया है। विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास छात्राओं को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए। हमारी मांग है कि दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली सरकार आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करें। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, CCTV निगरानी और त्वरित शिकायत निवारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। विश्वविद्यालय के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, खराब स्ट्रीट लाइट और CCTV को तत्काल दुरुस्त किया जाए तथा छात्राओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

DUSU अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक है और यहां पढ़ने वाली प्रत्येक छात्रा को सुरक्षित वातावरण मिलना उनका अधिकार है। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक सुरक्षा सीमित रखने से काम नहीं चलेगा। छात्राओं के आने-जाने वाले रास्तों, बैक गेट, आसपास की सड़कों, हॉस्टल और PG क्षेत्रों में भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। हाल की घटनाओं को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

By नवप्रभा टाइम्स

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