नितिन गुप्ता

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली ने राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के विरोध में आज दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। अभाविप कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों एवं विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास महिलाओं और छात्राओं के साथ सामने आई घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली पुलिस से महिला सुरक्षा के लिए ठोस, प्रभावी एवं निवारक कदम उठाने की मांग की। राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क के पास 17 वर्षीय किशोरी से संबंधित यौन अपराध की घटना, मुखर्जी नगर के हकीकत पार्क के पास दिल्ली विश्वविद्यालय की दो छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़, पीछा करने और आपत्तिजनक टिप्पणियों की घटना तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में ताप्ती हॉस्टल के पास एक छात्रा द्वारा बाहरी व्यक्तियों के अनुचित व्यवहार की शिकायत ने विश्वविद्यालय परिसरों एवं छात्र बहुल क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके अतिरिक्त, एक महिला छात्रा कार्यकर्ता के संबंध में यूट्यूबर नकुल धुल द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला भी छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

प्रदर्शन के पश्चात अभाविप दिल्ली ने दिल्ली पुलिस आयुक्त के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अभाविप दिल्ली ने दिल्ली पुलिस के समक्ष महिला एवं छात्र सुरक्षा से संबंधित कई ठोस मांगें रखीं। इनमें कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, हॉस्टलों, पीजी, कोचिंग सेंटर और छात्र बहुल क्षेत्रों की सुरक्षा की नियमित समीक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की विशेष समिति गठित करना, दिल्लीभर में डार्क स्पॉट एवं संवेदनशील स्थानों का सुरक्षा ऑडिट कराना, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और कार्यशील CCTV कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी बढ़ाना शामिल है। अभाविप ने शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टलों, पीजी क्षेत्रों, पार्कों, बाजारों और छात्र आवाजाही वाले प्रमुख मार्गों पर विशेष रूप से शाम और रात के समय पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है। साथ ही प्रमुख कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के आसपास विशेष महिला पुलिस सहायता बूथ स्थापित करने तथा रणनीतिक छात्र क्षेत्रों में महिला सुरक्षा प्रतिक्रिया वाहनों और PCR की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई है।

अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा केवल घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित विषय नहीं हो सकती। आवश्यकता ऐसी पुलिस व्यवस्था की है जो अपराध होने से पहले संवेदनशील और असुरक्षित स्थानों की पहचान कर प्रभावी निवारक कदम उठाए। छात्राओं को कॉलेज, विश्वविद्यालय, हॉस्टल, पीजी, पार्क और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से हमने दिल्ली पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।

DUSU अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रत्येक छात्रा की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। विश्वविद्यालय केवल कॉलेज की चारदीवारी तक सीमित नहीं है; छात्राएं जिन रास्तों से कॉलेज आती-जाती हैं, जिन क्षेत्रों में हॉस्टल और PG स्थित हैं और जहां छात्राओं की नियमित आवाजाही होती है, उन सभी स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। हाल की घटनाओं को देखते हुए दिल्ली पुलिस और दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन को मिलकर DU से जुड़े सभी संवेदनशील क्षेत्रों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए। पिंक पुलिस बूथ, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, CCTV निगरानी और नियमित पुलिस पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाना चाहिए। छात्राओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और किसी भी घटना को सामान्य मानकर नजरअंदाज न किया जाए। DUSU छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को मजबूती से उठाएगा और दिल्ली पुलिस से मांग करता है कि विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभावी बनाया जाए।

By नवप्रभा टाइम्स

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