प्रणव कुमार दुबे

मोक्षदायिनी फल्गु नदी के पवित्र तट पर स्थित ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी गया जी में विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेले का अत्यंत गरिमामय और भक्तिमय माहौल में भव्य आगाज हो गया है। अपने पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति, शांति और मुक्ति की कामना लेकर देश के कोने-कोने के साथ-साथ विदेशों से भी लाखों तीर्थयात्रियों का गया धाम में आगमन शुरू हो चुका है। पूरा नगर धार्मिक अनुष्ठानों और मंत्रोच्चार से गुंजायमान है। इस वर्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए बिहार सरकार, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर अभूतपूर्व तैयारियां की हैं, ताकि पिंडदान और तर्पण के लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

तीर्थयात्रियों के सुगम, सुरक्षित और सुखद ठहराव को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा गांधी मैदान सहित प्रमुख स्थलों पर 2,500 बेड की विशाल और अत्याधुनिक टेंट सिटी का निर्माण किया गया है। यह टेंट सिटी केवल एक अस्थायी आवास नहीं है, बल्कि इसमें किसी सर्वसुविधायुक्त परिसर जैसी व्यवस्थाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। वाटरप्रूफ और मौसम-अनुकूल सामग्री से निर्मित इस टेंट सिटी में आरामदायक बेड, स्वच्छ चादरें, पंखे, निर्बाध बिजली आपूर्ति, शुद्ध पेयजल और आधुनिक बायो-टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, टेंट सिटी परिसर में 24 घंटे कार्यरत रहने वाला प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, अग्निशमन तंत्र, सहायता काउंटर, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स और सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।

सनातन धर्म परंपरा और वैदिक मान्यताओं में गया जी का स्थान सर्वोपरि है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार, पितृपक्ष की पावन अवधि में गया जी स्थित पवित्र विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी के तटों, अक्षयवट और विभिन्न वेदियों पर पिंडदान व तर्पण करने से कुल के पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और साधक को पितृऋण से मुक्ति मिलती है। श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार फल्गु नदी पर निर्मित ‘गया जी डैम’ के माध्यम से नदी में निरंतर पर्याप्त और स्वच्छ जल का प्रवाह बनाए रखा गया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के पवित्र स्नान, आचमन और तर्पण की धार्मिक क्रियाएं सुगमता से संपन्न कर सकें।

मेले के सुचारू संचालन, व्यापक सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए पूरे मेला क्षेत्र को कई जोनों और सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हजारों की संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी, त्वरित कार्य बल और सादे कपड़ों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख पार्किंग स्थलों से लेकर विष्णुपद मंदिर व फल्गु तट तक जाने के लिए विशेष ई-रिक्शा, शटल बस सेवा और समर्पित पैदल गलियारों की व्यवस्था की गई है ताकि बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो।

प्रशासनिक तत्परता के साथ-साथ गया जी के स्थानीय पंडा समाज, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों में भी ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना साफ झलक रही है। जगह-जगह नि:शुल्क अन्नक्षेत्र , शीतल पेय जल सेवा और मार्गदर्शन केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप भी सक्रिय किए गए हैं, जिनके जरिए वेदी स्थलों का नक्शा, टेंट सिटी में बेड की उपलब्धता और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध है। 2,500 बेड वाली इस शानदार टेंट सिटी और चाक-चौबंद नागरिक सुविधाओं के साथ गया जी इस महासंगम में पधारे सभी श्रद्धालुओं को एक सुगम, दिव्य और अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

By नवप्रभा टाइम्स

*नवप्रभा टाइम्स ख़बरें की दुनिया एक भारत में विस्तार के लिए सदैव तत्पर है, बिहार व उत्तर प्रदेश से आधारित समाचार और समसामयिकी चैनल है।[1] अपने भारतीय दर्शकों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहलुओं पर एक अद्यतन प्रदान करता है।[2] यह सेवा ऑनलाइन और इसके मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रसारित की जाती है। यह 15 जून 2020 से सेवा प्रदान किया जा रहा है। न्यूज़ पोर्टल न्यूज़ चैनल, व राजनीतिक साक्षात्कार, सामाजिक साक्षात्कार, के माननीय दर्शक हमारे ग्राहक है।‌ हमारा कौशल विविध भारतीय भाषाओं में त्वरित गति से खबर देने के लिए सदैव गतिशील है। साप्ताहिक साक्षात्कार के साथ साथ सामाजिक सेवा प्रसारण के उद्देश्य को प्रकाशित करने हेतु हमारे चैनल सर्विस प्रदान कर रहे इस दृष्टि से यह संस्था भारतीय भाषाओं की आवाज बन रही हैं।पत्रकारीय मूल्यों के साथ-साथ लोकतंत्र को परिष्कृत करने में भी हमने यथासंभव अपनी भूमिका निभाई है। करोना काल के दिनों में मानव रक्षा के लिए समाचार की जो भूमिका रही है, वह हमारा स्वर्णिम इतिहास है। निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के चलते नवप्रभा टाइम्स समाचार सत्ता प्रतिष्ठान का कोपभाजक बनता रहा है लेकिन, हमारा लक्ष्य ‘लोकतंत्र का परिष्कार और पुरस्कार’ रहा है।* सौजन्य: नवप्रभा टाइम्स जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *