यश पांडेय
बिहार में कानून-व्यवस्था और आपराधिक घटनाओं को लेकर सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के भीतर मतभेद के संकेत सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने राज्य की सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश में आपराधिक घटनाओं और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बिहार में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। चिराग पासवान ने अपने बयान में कहा, “मुझे शर्म आती है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं। बिहार में आज कोई सेफ नहीं है और यह चिंता का विषय है।” उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता और महिलाओं की सुरक्षा के सवाल पर वह चुप नहीं बैठेंगे।
चिराग पासवान के इस बयान के बाद बिहार सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान ने प्रतिक्रिया दी। चिराग पासवान की टिप्पणियों का जवाब देते हुए लखेंद्र पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन अगर चिराग पासवान को सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर कोई समस्या है तो उन्हें मीडिया में बयान देने के बजाय सरकार से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और अपनी समस्याओं तथा सुझावों को सरकार के सामने सीधे रखा जाना चाहिए।
अपने बयान में मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि गठबंधन के नेताओं के बीच किसी भी मुद्दे पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने चिराग पासवान की चिंताओं पर सीधे संवाद करने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि अगर किसी मुद्दे को लेकर कोई समस्या है तो उसे सरकार के सामने रखना चाहिए, ताकि उस पर चर्चा की जा सके। इस तरह लखेंद्र पासवान ने चिराग पासवान के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें सरकार के साथ बातचीत करने की नसीहत दी।
सत्ता पक्ष के दो नेताओं के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर सामने आए इन बयानों से बिहार एनडीए के भीतर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। एक ओर चिराग पासवान ने राज्य में अपराध और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है, वहीं दूसरी ओर मंत्री लखेंद्र पासवान ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से सीधे बातचीत करने की सलाह दी है। दोनों नेताओं के बयानों के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था और एनडीए के भीतर समन्वय को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
