प्रणव कुमार दुबे
बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड अंतर्गत शीतलपुर गांव के समीप गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि और तीव्र धारा के दबाव के कारण सुरक्षा तटबंध टूट गया है। तटबंध में बड़ी दरार आने के बाद नदी की तेज जलधारा रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर चुकी है। देखते ही देखते बाढ़ का मटमैला और तेज पानी आसपास के निचले इलाकों को जलमग्न करते हुए कई गांवों में प्रवेश कर रहा है, जिससे समूचे इलाके में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
तटबंध टूटने की सूचना फैलते ही शीतलपुर और उससे सटे गांवों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। कुछ ही समय के भीतर लोगों के आशियानों, गलियों, मुख्य सड़कों और फसलों वाले खेतों में पानी भर गया, जिससे ग्रामीणों को अपना सामान सुरक्षित करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण अपने छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों, आवश्यक दस्तावेजों, अनाज और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। कई इलाकों में लोगों को अपने घरों और फसलों को बाढ़ के पानी से प्रभावित होते देखना पड़ रहा है।
बाढ़ के इस खतरे को देखते हुए शीतलपुर समेत पूरे इलाके की बड़ी आबादी पर संकट मंडराने लगा है। पानी के लगातार बढ़ते स्तर ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अपने मकानों में पानी भरने के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं। कई परिवार अपने जरूरी सामान और पशुओं को साथ लेकर ऊंचे स्थानों और सुरक्षित इलाकों में शरण लेने के लिए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ गई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। अधिकारियों और तकनीकी टीमों द्वारा जलस्तर के साथ-साथ कटाव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग की ओर से पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने तथा टूटे हुए तटबंध की मरम्मत के लिए आवश्यक बचाव और मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं, ताकि पानी के फैलाव को रोककर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज किए जा रहे हैं। एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव दलों को भी सतर्क रखा गया है। प्रभावित ग्रामीणों तक शुद्ध पेयजल, सूखा राशन, पन्नी और नावों जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, जलभराव और तेज बहाव के कारण राहत सामग्री पहुंचाने में अधिकारियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल बैकुंठपुर क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
