नई दिल्ली: संवाददाता
देशभर में शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों से लेकर पूजा पंडालों तक मां दुर्गा के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा कर रहे हैं। नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। यह पर्व लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने का अवसर देता है।
देशभर में बनाए गए पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन्हें पारंपरिक कला, पौराणिक कथाओं और आधुनिक सजावट के आधार पर तैयार किया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और मां दुर्गा की प्रतिमाएं लोगों का ध्यान खींच रही हैं। शाम होते ही जगमगाते पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। कई स्थानों पर लोग परिवार के साथ पहुंचकर पूजा-अर्चना करने के अलावा सजावट और कलाकारी का आनंद भी ले रहे हैं। इन आयोजनों से स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को भी काम मिलता है।
नवरात्रि के दौरान सुबह और शाम मंदिरों तथा पूजा पंडालों में आरती और भजन-कीर्तन के आयोजन किए जा रहे हैं। शंख, घंटियों और मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। कई स्थानों पर कन्या पूजन, कन्या भोज, सुंदरकांड पाठ और जागरण का आयोजन भी किया जा रहा है। इन धार्मिक कार्यक्रमों में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भाग ले रहे हैं। पूजा समितियां अपनी स्थानीय परंपराओं के अनुसार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं।
नवरात्रि का सांस्कृतिक रंग भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। गुजरात सहित कई राज्यों में गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें युवा पारंपरिक परिधानों में हिस्सा ले रहे हैं। पारंपरिक संगीत और नृत्य के माध्यम से लोग उत्सव का आनंद ले रहे हैं। इन आयोजनों से लोक संस्कृति और क्षेत्रीय परंपराओं को बढ़ावा मिलता है। वहीं, पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और पूजा समितियां भीड़ को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध कर रही हैं। इस तरह नवरात्रि का पर्व धार्मिक आस्था के साथ देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत कर रहा है।
