यश पांडेय
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच, चंदौली में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के भीतर असंतोष सामने आया है। पार्टी के दर्जनों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व की कार्यशैली और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इस घटनाक्रम से जिले में पार्टी संगठन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पार्टी छोड़ने का ऐलान करने वालों में युवा मंडल अध्यक्ष एवं मंत्री प्रतिनिधि बबलू राजभर और वाराणसी मंडल युवा मोर्चा के प्रमुख महासचिव दीपक राजभर शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी। हालांकि, इस्तीफा देने वालों की अंतिम संख्या और सभी पदाधिकारियों की सूची की विस्तृत पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
इस्तीफा देने वाले नेताओं ने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से संगठन के लिए काम करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है और पार्टी अपने मूल मुद्दों से भटक गई है। दीपक राजभर ने भी पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। ये आरोप इस्तीफा देने वाले नेताओं के हैं; पार्टी नेतृत्व का पक्ष भी सामने आना जरूरी है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। चंदौली में पार्टी पदाधिकारियों की नाराजगी सुभासपा के लिए संगठनात्मक चुनौती बन सकती है। हालांकि, इस घटनाक्रम का पार्टी के वोट बैंक या आगामी चुनाव के नतीजों पर कितना असर पड़ेगा, इसका आकलन अभी करना जल्दबाजी होगी।
चंदौली में इस्तीफे के ऐलान के बाद अब यह देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व असंतुष्ट नेताओं की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और क्या अन्य कार्यकर्ता भी पार्टी छोड़ने का फैसला करते हैं। फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्टों में इस्तीफे के ऐलान और संगठनात्मक नाराजगी की जानकारी सामने आई है, जबकि पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है।
