प्रणव कुमार अभय, गोपालगंज
बिहार के गोपालगंज जिले से प्रशासन और अपराध के बीच सांठगांठ की एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे सरकारी महकमे में हलचल मचा दी है। सिधवलिया की अंचलाधिकारी (CO) प्रीतिलता और जिले के कुख्यात अपराधी व 10 हजार के इनामी भू-माफिया रंजन यादव के बीच हुई बातचीत का एक पुराना ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने इसे लोकसेवक के आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन माना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ऑडियो में सीओ न केवल एक शातिर अपराधी का अभिवादन कर रही हैं, बल्कि सरकारी भूमि के बंदरबांट का सुनियोजित षड्यंत्र भी रच रही हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से अंचलाधिकारी प्रीतिलता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का कड़ा आदेश जारी कर दिया है।
वायरल हो रही इस ऑडियो क्लिप में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें सीओ प्रीतिलता सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी भवन बनाने के प्रस्ताव की आड़ में भू-माफिया रंजन यादव को मदद पहुंचाने और उसे विभागीय कानूनी कार्रवाई से बचाने का आश्वासन देती सुनाई दे रही हैं। आरोपी रंजन यादव कोई मामूली बदमाश नहीं है; वह हावड़ा में हुए सुरेश यादव हत्याकांड में मुख्य आरोपी है और पिछले छह महीनों से फरार चल रहा है, जिसके चलते पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित कर रखा है।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि सरकारी संपत्ति का संरक्षण करना अंचल अधिकारी का मुख्य दायित्व है, लेकिन यहाँ अधिकारी ने व्यक्तिगत लाभ के लिए अपराधी से हाथ मिलाया। प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि भू-माफियाओं के साथ किसी भी प्रकार की मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
