प्रणव कुमार अभय
बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक नर्सिंग कॉलेज ने छात्राओं की निजी स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार पर अंकुश लगाने वाला फरमान जारी किया है। मामला हथुआ अनुमंडल स्थित राजकीय जीएनएम (GNM) ट्रेनिंग स्कूल का है। कॉलेज प्रशासन ने आधिकारिक नोटिस जारी कर यह निर्देश दिया है कि यदि कोई भी छात्रा कोर्स की अवधि के दौरान शादी करती है, तो उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा। कॉलेज की दीवारों पर चिपकाया गया यह नोटिस अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है, जिससे जिले के प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।
इस विवादित नोटिस के वायरल होने के बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नोटिस में सख्त लहजे में लिखा गया है कि प्रशिक्षण के दौरान विवाह करना अनुशासन के विरुद्ध है। इस फरमान से कॉलेज में पढ़ रही छात्राएं मानसिक दबाव में हैं। जानकारों का कहना है कि भारत के संविधान और शिक्षा के नियमों के तहत किसी भी वयस्क छात्रा को उसकी पढ़ाई के दौरान विवाह करने से रोकना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण के दावों पर भी तमाचा है। सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘तुगलकी फरमान’ करार दे रहे हैं और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले ने जब तूल पकड़ा, तो गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीएम ने इस नोटिस को प्रथम दृष्टया अनुचित और नियमों के प्रतिकूल मानते हुए पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कोई भी संस्थान अपने स्तर पर ऐसे नियम नहीं बना सकता जो छात्राओं के मौलिक अधिकारों का हनन करते हों। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे कॉलेज जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लें और रिपोर्ट सौंपें। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षण संस्थान इस तरह का मनमाना आदेश जारी करने का दुस्साहस न कर सके।
