आदित्य शुक्ला

शारदीय नवरात्रि की महानवमी तिथि पर गोपालगंज जिले में भक्ति, आस्था और उल्लास का जो अभूतपूर्व और विराट दृश्य देखने को मिल रहा है, उसने पूरे इलाके को एक जीवंत उत्सव में तब्दील कर दिया है, जिसकी गूंज शहर से लेकर दूरदराज के ग्रामीण अंचलों तक सुनाई दे रही है। भोर की पहली किरण फूटने के साथ ही प्रसिद्ध ऐतिहासिक पीठ थावे भवानी मंदिर से लेकर शहर के मुख्य मार्गों और हर छोटे-बड़े ग्रामीण इलाके के पूजा-पंडालों तक श्रद्धालुओं का ऐसा विशाल और अनवरत सैलाब उमड़ा कि तिल रखने की भी जगह नहीं बची। पूरे जिले की फिज़ा में गूंजते ‘जय माता दी’, ‘या देवी सर्वभूतेषु’, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार की स्वरलहरियों ने संपूर्ण वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक, पवित्र और अलौकिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया है। सुबह तड़के से ही विभिन्न मंदिरों और पंडालों के बाहर भक्तों की लंबी-लंबी और अनुशासनबद्ध कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जिनमें बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और नन्हे-मुन्नों का उत्साह, अटूट श्रद्धा और धैर्य देखते ही बन रहा था, जो मीलों का पैदल सफर तय करके भी माता के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने पहुंचे थे।

शहर के मुख्य आकर्षण केंद्र बने राजा दल, गल्ला मंडी, मीरगंज, हथुआ और दिघवा दुबौली के बेहद भव्य और विशाल पूजा-पंडालों में उमड़ने वाली दर्शनार्थियों की यह भारी भीड़ इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि लोगों में इस पावन पर्व को लेकर कितना भारी और असीम उत्साह है। इस वर्ष भी विभिन्न पूजा समितियों द्वारा तैयार किए गए कलात्मक, ऐतिहासिक और पौराणिक थीम पर आधारित अनूठे पंडाल, उनकी अद्भुत शिल्पकारी और रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी से नहाई दूधिया सड़कें पूरे गोपालगंज को एक जीवंत और जगमगाती नगरी का रूप दे रही हैं। मां दुर्गा के नवम स्वरूप और समस्त सिद्धियों की दात्री मां सिद्धिदात्री की दिव्य, सजीव और अलौकिक प्रतिमाओं के समक्ष नतमस्तक होकर भक्त पूरी तन्मयता के साथ धूप, दीप, रोली, नैवेद्य और पुष्प-पुष्पांजलि अर्पित कर अपने परिवार की सुख, शांति, प्रगति और समृद्धि की मंगल कामना कर रहे हैं। चारों तरफ गूंजती शंख की ध्वनि, डमरुओं की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप और लाउडस्पीकरों से गूंजते पारंपरिक भक्ति गीतों ने माहौल को इतना रमणीय और भावविभोर कर देने वाला बना दिया है कि हर उम्र का इंसान इसी भक्तिरस में सराबोर होकर झूमता नजर आ रहा है।

महानवमी के इस अत्यंत पवित्र और विशिष्ट अवसर पर जिले के तमाम धार्मिक स्थलों, घरों और भव्य पंडालों में विधि-विधान, मंत्रोच्चार और पूर्ण निष्ठा के साथ महाहवन, पूर्णाहुति और कन्या पूजन का आयोजन अत्यंत भव्यता और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ। सुबह के समय सनातन परंपरा और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार नौ नन्हीं कन्याओं को साक्षात मां दुर्गा का स्वरूप मानकर भक्तों ने उनके चरण धोकर पखारे, माथे पर कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाया और उन्हें अपने हाथों से आदरपूर्वक पूरी, खीर, हलवा और मिष्ठान का भरपेट भोजन कराया। इसके बाद श्रद्धापूर्वक नए वस्त्र, लाल चुनरी, फल और उपहार भेंट कर उनसे अपने और अपने घर-परिवार के लिए अटूट सुख-समृद्धि, दीर्घायु और आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त किया गया। दोपहर ढलते ही शहर की प्रमुख पूजा समितियों और सामाजिक संगठनों द्वारा विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण की भव्य और सुव्यवस्थित शुरुआत की गई, जिसमें किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने अनुशासित तरीके से कतारबद्ध होकर माता का प्रसाद ग्रहण किया और खुद को धन्य महसूस किया।

जिले भर में उमड़ी इस अपार, असीम और अनियंत्रित भीड़ के मध्य कानून-व्यवस्था, सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस महकमा और विभिन्न पूजा समितियों के हजारों स्वयंसेवक पूरी तरह मुस्तैद, सतर्क और अलर्ट मोड पर अपनी सेवाएं देते नजर आ रहे हैं। शहर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों, अति-व्यस्त चौराहों, बाजारों और संवेदनशील पूजा-पंडालों के आसपास सुरक्षा के बेहद कड़े, चाक-चौबंद और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को जरा भी असुविधा का सामना न करना पड़े। यातायात के सुगम संचालन, सुचारू व्यवस्था और आम जनता को भीषण जाम से मुक्ति दिलाने के लिए भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाते हुए कड़े नो-एंट्री ज़ोन लागू किए गए हैं तथा प्रमुख स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग और ड्रॉप-गेट बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला पुलिस बल की तैनाती के साथ अलग से कतारों की व्यवस्था की गई है, तथा पुलिस प्रशासन द्वारा आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन के जरिए भी चप्पे-चप्पे पर पैनी और सतर्क नजर रखी जा रही है ताकि यह महानवमी का पावन पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अभूतपूर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो सके।

By नवप्रभा टाइम्स

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