नई दिल्ली, 21अक्टूबर। सोहन सिंह जी की जन्म तिथि के उपलक्ष्य में सोहन सिंह सेवा न्यास द्वारा कॉन्स्टीट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में छठवाँ वार्षिक व्याख्यान आयोजित किया गया। आयोजन का विषय ” समाज, सामाजिक संगठन, कुशल संगठन” था। इस विषय पर प्रो राजकुमार भाटिया जी ने विस्तार से बताया। आयोजन की अध्यक्षता उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय संघचालक पवन जिंदल जी ने की।
राजकुमार भाटिया ने सोहन सिंह न्यास के विषय में सभी का परिचय कराया। उन्होंने बताया कि न्यास का कार्य अनौपचारिक रूप से 2017 में शुरू हुआ । 2019 में औपचारिक रूप से न्यास की स्थापना हुई। उन्होंने बताया कि पुण्य तिथि पर हर वर्ष उनके गांव हरचना बुलंदशहर में आयोजन किया जाता है, उनके गांव में बड़ा सेवाकार्य शुरू किए जाने की योजना है। सेवाकार्य हेतु फंडिंग संस्था दिल्ली में बनाए जाने की भी योजना है। सोहन जी बहुत परखी व्यक्ति थे।
विश्व हिंदू परिषद के आलोक कुमार ने कहा कि सोहन सिंह जी श्रेष्ठ व्यक्ति थे। उन्होंने संघ कार्य खड़ा किया उसकी आज पहचान है। संघ से इतर उनके मन में कुछ नहीं था। उनकी माँ के देहांत का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने कहा था कि प्रचारक का दुःख उसका अपना होता है। प्रचारकों में नेतृत्व का विकास हो इसके लिए वह प्रयत्न करते थे।
वरिष्ठ पत्रकार अशोक टंडन जी ने सोहन सिंह जी की याद करते हुए कहा कि उनसे मेरा करनाल पानीपत में परिचय हुआ था। उन्होंने स्वयंसेवकों को गढ़ने का कार्य किया। कार्यकर्ताओं के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। उन्होंने कहा कि सोहन सिंह ने माइक्रो मैनेजमेंट सिखाया।
गांधी स्मृति समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने उनको याद करते हुए कहा कि उनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। एक बार संघ के शिविर में एक कार्यकर्ता को घड़े में पानी भरने का काम दिया गया सोहन जी ने देखा कि घड़े में पानी नहीं है उन्होंने स्वयं पानी भर दिया। बलदेव जी सोहन जी से मेरा परिचय आपातकाल में हुआ। वह अपने व्यवहार से लोगों को सिखाते थे। संतोष तनेजा जी ने उनको याद करते हुए कहा कि वह हम सब के माता पिता के समान थे।
पवन जिंदल ने कहा कि सोहन सिंह जी से मेरा बहुत कम सम्पर्क रहा वह श्रेष्ठ कार्यकर्ता थे। उनके मन में बहुत आत्मीयता व करुणा थी। रवि बंसल जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन का संचालन अनुप गुप्ता जी ने किया।
इस मौके पर सोहन सिंह न्यास के न्यासी प्रो राज कुमार भाटिया जी, श्री संतोष तनेजा जी, श्री विनोद गोयल जी, श्री अनूप गुप्ता जी, श्री राम कुमार मित्तल जी, रवि बंसल जी, आदि उपस्थित थे।
