प्रणव कुमार अभय
डॉ भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में वार्षिक खेल दिवस का आयोजन खेल मैदान में किया गया। वार्षिक खेल दिवस के मुख्य अतिथि विश्व प्रसिद्ध कुश्ती खिलाड़ी व अभिनेता संग्राम सिंह, महाविद्यालय के संस्थापक प्राचार्य प्रो. पी सी पातंजलि , महाविद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रो. रणजित् बेहरा, समाजसेवी देवेन्द्र यादव और प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद रहे।
महाविद्यालय के वार्षिक खेल दिवस के अवसर पर खेल विभाग द्वारा छात्रों के लिए 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर शार्ट रेस तथा शिक्षकों के लिए 100 मीटर, 200 मीटर दौड़, नींबू चम्मच दौड़, टेबलटेनिस तथा शतरंज प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन महाविद्यालय के खेल मैदान में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संग्राम सिंह द्वारा पोस्टर विमोचन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत वक्तव्य में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो सदानंद प्रसाद ने कहा कि स्पोटर्स कमेटी सदैव आपने कार्य को ईमानदारी से करती और प्रतिदिन खिलाड़ियों के लिए नए अवसर का निर्माण करती है इस कार्यक्रम के
मुख्य अतिथि संग्राम सिंह को महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो सदानंद प्रसाद जी ने पौध तथा स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया तथा विशिष्ट अतिथि पी सी पतंजलि को प्रो शशि रानी ने पौध और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया तथा विशिष्ट अतिथि के.के शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय के फाउंडर पी.सी पतंजलि नहीं होते तो आज मैं यहां नहीं होता । उन्होंने कहा कि हमारे महाविद्यालय के बच्चे नाम से नहीं काम से जाने जाते है पी.सी पतंजलि ने कहा कि मैं 1991 से लेकर 2026 में पहली बार ऐसे मुख्य अतिथि को देखा है जो एक फाइटर के साथ अभिनेता भी है। अपने वक्तवय को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि संग्राम सिंह जी के गुरु की हमारे भी गुरु है। उन्होंने कहा इस महाविद्यालय में पत्रकारिता तब से है जो पूरे देश में नहीं थी। हमारे विद्यार्थी सभी क्षेत्रों में है ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां हमारे विद्यार्थी नहीं है। तथा विशिष्ट अतिथि मुकेश केजरीवाल जो राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवा दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि सचिन 34 बार जीरो पर आउट हुए हैं इससे हमे ये सीख मिलती है कि हारने से आगे बढ़ाने की अधिक क्षमता बढ़ती है। उन्होंने बताया की संग्राम सिंह को 3 साल की उम्र में ऐसी बीमारी हो गई थी जिससे कि वे चल नहीं सकते थे लेकिन न उन्होंने हार मानी और न उनकी मां ने हार मानी।
तथा मुख्य अतिथि संग्राम सिंह ने कहा कि किसी देश की ताकत वहां की सेवा और युवा होते हैं । उनके वक्तव्य का आशय था कि किसी देश का भविष्य उस देश के युवा होते हैं , आगे उन्होंने कहा मैं कभी नहीं हारता या तो जीतता हूं या फिर सीखता हूँ। उन्होंने कहा कि मेरे आदर्श भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव, सुभाषचंद्र बोस जैसे महान लोगों हैं जिन्होंने हमारे लिए बलिदान दिया l लेकिन आज हम लोग जाति, धर्म, संप्रदाय मे उलझकर एक-दूसरे से लड़ रहे है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बात की । तथा उन्होंने नशे पर बात करते हुए कहा कि नशा सात पीढ़ियों को बर्बाद कर देता है। हमारी हार वो नहीं है कि हमें दुनिया नहीं पहचानती बल्कि ये है कि हम खुद को नहीं पहचानते। अंत में उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाओ अपनी भाषा पहचानो और अपने आप को पहचानो। तथा इस कार्यक्रम में आयोजित प्रतियोगिताओ में 100 मीटर दौड़ में प्रथम ज्योति , द्वितीय कोमल, लड़कों में प्रथम सोहन द्वितीय रोनित तथा 200 मीटर दौड़ में प्रथम ज्योति द्वितीय कोमल, लड़कों में प्रथम अजय द्वितीय रौनक तथा 400 मीटर दौड़ में प्रथम ज्योति, लड़कों में प्रथम अरविंद द्वितीय शिवभोला विजेता रहे। तथा शिक्षकों की प्रतियोगिता टेबल टेनिस में प्रथम एकता सिंह (हिंदी विभाग), नींबू चम्मच प्रतियोगिता में प्रथम अनीता देवी ( हिंदी विभाग) द्वितीय अखिल (हिंदी विभाग) तृतीय आदर्श मिश्रा (हिंदी विभाग), रस्साकसी प्रतियोगिता में प्रथम पुण्नायक द्वितीय साहिल तृतीय सुधांशु विजेता रहे। इस कार्यक्रम का
धन्यवाद ज्ञापन खेल समिति के संयोजिक के.के शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रो बिजेंद्र कुमार, प्रो शशि रानी, प्रो चित्रा रानी , अर्चना माथुर , डॉ विनीत कुमार, डॉ राकेश कुमार, डॉ प्रवीण झा, डॉ सुभाष गौतम, डॉ आदर्श कुमार, डॉ रंजीत कुमार, हरिकृष्ण के साथ भारी मात्रा में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
