प्रणव कुमार अभय
नई दिल्ली:साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन हेतु ‘ईशान (यमुना विहार) साहित्य केंद्र’ द्वारा ‘इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती’ के विशेष सहयोग से आगामी 29 जुलाई 2026 को महर्षि वेद व्यास जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य ऑनलाइन वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। “महर्षि वेद व्यास जयंती – ज्ञान की परंपरा” विषय पर केंद्रित यह राष्ट्रीय स्तर का आभासी कार्यक्रम रात्रि 8:00 बजे डिजिटल प्लेटफॉर्म गूगल मीट (Google Meet) पर आयोजित होगा। संस्था द्वारा इस विचार-मंथन के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक संगठनात्मक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
भारतीय दर्शन और साहित्य परंपरा में महर्षि वेद व्यास जी का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने न केवल विशाल वेदों का संपादन व वर्गीकरण कर उन्हें चार संहिताओं में सुलभ बनाया, बल्कि अष्टादश पुराणों, ब्रह्मसूत्र और महाभारत जैसे महान महाकाव्य की रचना करके भारतीय मनीषा को एक नई दिशा प्रदान की। इसी अक्षुण्ण ज्ञानधारा और व्यास जी के जीवन-दर्शन की वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में प्रासंगिकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से इस परिचर्चा का खाका तैयार किया गया है।
आयोजन समिति के अनुसार, इस ऑनलाइन संगोष्ठी में दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न राज्यों से प्रबुद्ध साहित्यकार, शोधार्थी, संस्कृत विद्वान और युवा चिंतक डिजिटल माध्यम से एक साथ जुटेंगे। कार्यक्रम का मुख्य ध्येय आधुनिक तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए आज की युवा पीढ़ी को अपनी प्राचीन साहित्यिक जड़ों, नैतिक मूल्यों और सनातन ज्ञान परंपरा से जोड़ना है।
कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के प्रांत मंत्री राकेश कुमार तथा ईशान (यमुना विहार) साहित्य केंद्र के समन्वयक योगेश शर्मा के मार्गदर्शन में तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। आयोजक मंडल ने दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों सहित देश भर के सभी साहित्य-अनुरागियों, बुद्धिजीवियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों से अपील की है कि वे 29 जुलाई की रात्रि 8:00 बजे नियत समय पर गूगल मीट लिंक से जुड़कर इस बौद्धिक और सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाएं।
