नितिन गुप्ता
बिहार की राजनीति में पारंपरिक तौर-तरीकों को बदलते हुए जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एक बेहद व्यावहारिक और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जनता से सीधा संवाद करते हुए कहा कि वे अपना कीमती समय औपचारिक चाय-नाश्ते, शादी-विवाह के आयोजनों या महज राजनीतिक शिष्टाचार निभाने में व्यतीत करने के बजाय सीधे जनता के बच्चों के भविष्य, उनकी बेहतर पढ़ाई और सम्मानजनक रोजगार का मार्ग प्रशस्त करने में लगाएंगे। प्रशांत किशोर ने तर्क दिया कि वर्षों से बिहार के नेता जनता के बीच केवल सामाजिक रस्मों और दिखावे के लिए घूमते रहे हैं, जिससे राज्य के युवाओं के वास्तविक मुद्दे हमेशा पीछे छूट गए। इसलिए अब समय आ गया है कि नेताओं की प्राथमिकताओं को पूरी तरह बदला जाए और उनका पूरा ध्यान केवल शिक्षा और रोजगार पर केंद्रित हो।
अपने इस नए राजनीतिक मॉडल और सोच को मजबूती से सामने रखते हुए प्रशांत किशोर ने राज्य के युवाओं के लिए एक बेहद साहसिक और ऐतिहासिक दावा भी किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि आने वाले समय में अगर पूरे बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्रों की तुलना में किसी एक क्षेत्र के युवाओं को सबसे अधिक नौकरियां और रोजगार के अवसर मिलेंगे, तो वह पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र होगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल एक चुनावी वादा नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर उतारने के लिए वे अपनी पूरी रणनीतिक क्षमता, देश भर में स्थापित अपनी पहचान, अनुभव और संसाधनों को पूरी ताकत से बांकीपुर के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए झोंक रहे हैं।
प्रशांत किशोर के इस आक्रामक और लीक से हटकर दिए गए बयान ने न केवल बांकीपुर बल्कि संपूर्ण बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर युवाओं और आम जनता के बीच इस पहल को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है और लोग इसे एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोधी राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। प्रशांत किशोर का मानना है कि बिहार के युवाओं को पलायन और बेरोजगारी के दंश से निकालने के लिए पारंपरिक वोट बैंक की राजनीति को दरकिनार कर विकास केंद्रित एजेंडे पर काम करना ही एकमात्र रास्ता है, और बांकीपुर को वे इस बदलाव का रोल मॉडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
