डॉ सत्य प्रकाश तिवारी

तमिलनाडु विधानसभा का सत्र उस वक्त बेहद हंगामेदार और अभूतपूर्व राजनीतिक सरगर्मियों से भर गया, जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सदन के पटल से विपक्षी दल डीएमके के नेताओं को बेहद कड़े और आक्रामक शब्दों में सीधी चेतावनी दे डाली। मुख्यमंत्री ने भरी सभा में खुलकर यह बड़ा ऐलान किया कि उनके पास पिछली डीएमके सरकार के तीन प्रमुख सरकारी विभागों में हुए कथित बड़े पैमाने के भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील और गोपनीय फाइलें मौजूद हैं। उन्होंने विपक्ष के पूर्व मंत्रियों और विधायकों को सचेत करते हुए कहा कि वे अपनी तीखी बयानबाजी और हंगामे से उन्हें अभी उन फाइलों की ‘तालाबंदी खोलने’ और उन्हें उजागर करने के लिए मजबूर न करें। विजय ने बेहद सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि वह सही और मुफीद समय पर इन तमाम जानकारियों और सबूतों को जनता के सामने लाएंगे, क्योंकि वे सही वक्त पर सही प्रशासनिक और राजनीतिक कदम उठाना अच्छी तरह जानते हैं।

सदन के भीतर यह तीखी बहस और अप्रत्याशित हंगामा उस समय भड़का, जब जल संसाधन एवं ग्रामीण विकास मंत्री एन. आनंद और डीएमके के वरिष्ठ नेता आई. पेरियासामी के बीच पिछली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘कलैगनार कनावु इल्लम’ (आवास योजना) के क्रियान्वयन को लेकर तीखी समीक्षा चल रही थी। मंत्री एन. आनंद ने सदन के पटल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान इस आवास योजना में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी, जहां नियमों को ताक पर रखकर कई अयोग्य और साधन संपन्न लोगों को भी सरकारी घर आवंटित कर दिए गए। इस आरोप के बाद डीएमके विधायकों ने भारी विरोध जताया, नारेबाजी शुरू की और सरकार से तुरंत पुख्ता सबूत पेश करने की मांग की। विपक्षी सदस्यों के लगातार बढ़ते विरोध के कारण सदन की कार्यवाही पूरी तरह बाधित होने लगी।

विपक्ष के इस कड़े रुख और हंगामे की स्थिति को देखते हुए स्कूली शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन और वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन के वक्तव्यों का समर्थन करते हुए खुद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बहस के बीच में उतरे। मुख्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों को शांत रहने की हिदायत दी और राजनीतिक चुटकी लेते हुए कहा कि राज्य की जनता ने उन्हें ईमानदारी और प्यार के बल पर बड़ा जनादेश देकर इस पवित्र सदन में भेजा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में आगे कहा कि वे फिलहाल इसलिए संयम और शांति बरत रहे हैं ताकि आगामी उपचुनावों में विपक्ष के पास भी जनता के बीच जाने का थोड़ा मौका और राजनीतिक जमीन बची रहे।

मुख्यमंत्री विजय की इस तीखी और स्पष्ट चेतावनी ने न केवल सदन के भीतर बल्कि पूरे तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में एक नया भूचाल ला दिया है। सत्ता पक्ष जहां इस कड़े रुख को अपनी सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के रूप में पेश कर रहा है, वहीं विपक्षी खेमे में इन तीन विभागों की ‘गुप्त फाइलों’ के सार्वजनिक होने की आशंका के बाद भारी खलबली मच गई है। इस पूरे प्रकरण ने राज्य में आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रमों को बेहद दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।

By नवप्रभा टाइम्स

*नवप्रभा टाइम्स ख़बरें की दुनिया एक भारत में विस्तार के लिए सदैव तत्पर है, बिहार व उत्तर प्रदेश से आधारित समाचार और समसामयिकी चैनल है।[1] अपने भारतीय दर्शकों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहलुओं पर एक अद्यतन प्रदान करता है।[2] यह सेवा ऑनलाइन और इसके मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रसारित की जाती है। यह 15 जून 2020 से सेवा प्रदान किया जा रहा है। न्यूज़ पोर्टल न्यूज़ चैनल, व राजनीतिक साक्षात्कार, सामाजिक साक्षात्कार, के माननीय दर्शक हमारे ग्राहक है।‌ हमारा कौशल विविध भारतीय भाषाओं में त्वरित गति से खबर देने के लिए सदैव गतिशील है। साप्ताहिक साक्षात्कार के साथ साथ सामाजिक सेवा प्रसारण के उद्देश्य को प्रकाशित करने हेतु हमारे चैनल सर्विस प्रदान कर रहे इस दृष्टि से यह संस्था भारतीय भाषाओं की आवाज बन रही हैं।पत्रकारीय मूल्यों के साथ-साथ लोकतंत्र को परिष्कृत करने में भी हमने यथासंभव अपनी भूमिका निभाई है। करोना काल के दिनों में मानव रक्षा के लिए समाचार की जो भूमिका रही है, वह हमारा स्वर्णिम इतिहास है। निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के चलते नवप्रभा टाइम्स समाचार सत्ता प्रतिष्ठान का कोपभाजक बनता रहा है लेकिन, हमारा लक्ष्य ‘लोकतंत्र का परिष्कार और पुरस्कार’ रहा है।* सौजन्य: नवप्रभा टाइम्स जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed