डॉ सत्य प्रकाश तिवारी

उत्तर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और उनके उपभोक्ता अधिकारों को सर्वोपरि रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक महत्त्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्यभर में अब छोटी-बड़ी सभी मिष्ठान दुकानों, डेयरी आउटलेट्स और प्रतिष्ठानों में खुली बिकने वाली मिठाइयों के ट्रे और डिस्प्ले काउंटर पर ‘यूज बाय डेट’ यानी उनके उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब द्वारा जारी इस कड़े आदेश के तहत आगामी 15 अक्टूबर 2026 से यह व्यवस्था पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ और पूरी सख्ती के साथ लागू हो जाएगी। इस व्यवस्था के बाद अब राज्य के किसी भी कोने में दुकानदार ग्राहकों को अंधकार में रखकर बासी या पुरानी मिठाइयां नहीं बेच सकेंगे और हर खरीदार को दुकान पर खड़े-खड़े ही मिठाई की ताजगी की सटीक जानकारी मिल जाएगी।

अब तक मुख्य रूप से सीलबंद या पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर ही निर्माण और एक्सपायरी डेट दर्ज करना अनिवार्य था, जबकि खुली मिठाइयों की ताजगी को लेकर ग्राहक हमेशा असमंजस की स्थिति में रहते थे। कई बार व्यापारी डिस्प्ले काउंटर में रखी कई दिनों पुरानी मिठाई को भी ताज़ी बताकर ग्राहकों को बेच देते थे, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता था। खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, खोया, पनीर, छैना और मावे से बनी मिठाइयां बहुत जल्द खराब होती हैं और नमी व गर्मी के कारण उनमें सूक्ष्म जीवाणु पनपने लगते हैं। बासी मिठाइयों के सेवन से न केवल लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ता है, बल्कि फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। प्रशासन के इस पारदर्शी कदम का सीधा मकसद आम जनता को बासी, दूषित और सेहत के लिए जानलेवा साबित होने वाले खाद्य पदार्थों से पूरी तरह सुरक्षित रखना है।

आगामी महीनों में आने वाले प्रमुख त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए प्रशासन का यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण और सामयिक माना जा रहा है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग में अचानक भारी उछाल आता है, जिसका अनुचित लाभ उठाने के लिए कई बार लापरवाह मिठाई विक्रेता पुरानी मिठाइयों को खपाने का प्रयास करते हैं। इस पर नकेल कसने के लिए विभाग ने जमीनी स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। 15 अक्टूबर 2026 की निर्धारित समय-सीमा समाप्त होते ही पूरे प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष टीमों का गठन कर व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। ये टीमें कस्बों, देहात और बड़े शहरों के मुख्य बाजारों में स्थित मिठाई प्रतिष्ठानों की जांच करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि हर ट्रे पर स्पष्ट अक्षरों में उपयोग की अंतिम तिथि अंकित की गई हो।

विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस नए नियम की अनदेखी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। यदि औचक निरीक्षण के दौरान किसी भी दुकान पर खुली मिठाइयों के ट्रे या डिस्प्ले बॉक्स पर ‘यूज बाय डेट’ अंकित नहीं पाई गई या तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी बासी मिठाइयां बिकती पाई गईं, तो संबंधित विक्रेता पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें दुकानों का चालान, भारी जुर्माना और गंभीर मामलों में खाद्य लाइसेंस रद्द करने तक के सख्त प्रावधान शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने और इस नई व्यवस्था को अपनाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है, इसलिए इसके बाद किसी भी प्रकार का बहाना या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के खाद्य बाजार में अभूतपूर्व पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। इससे न केवल आम उपभोक्ताओं का मिठाई विक्रेताओं पर भरोसा मजबूत होगा, बल्कि वे बिना किसी डर या संशय के पूरी तरह से ताजी और सेहतमंद मिठाइयां खरीद सकेंगे। उपभोक्ताओं को भी अब अपनी खरीदारी के दौरान सतर्क रहना होगा और डिस्प्ले पर लिखी तिथियों को देखकर ही सही मिठाई का चुनाव करना होगा। यह निर्णय न केवल राज्य के नागरिकों की सेहत की ढाल बनेगा, बल्कि प्रदेश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को भी एक आदर्श और आधुनिक पहचान प्रदान करेगा।

By नवप्रभा टाइम्स

*नवप्रभा टाइम्स ख़बरें की दुनिया एक भारत में विस्तार के लिए सदैव तत्पर है, बिहार व उत्तर प्रदेश से आधारित समाचार और समसामयिकी चैनल है।[1] अपने भारतीय दर्शकों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहलुओं पर एक अद्यतन प्रदान करता है।[2] यह सेवा ऑनलाइन और इसके मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रसारित की जाती है। यह 15 जून 2020 से सेवा प्रदान किया जा रहा है। न्यूज़ पोर्टल न्यूज़ चैनल, व राजनीतिक साक्षात्कार, सामाजिक साक्षात्कार, के माननीय दर्शक हमारे ग्राहक है।‌ हमारा कौशल विविध भारतीय भाषाओं में त्वरित गति से खबर देने के लिए सदैव गतिशील है। साप्ताहिक साक्षात्कार के साथ साथ सामाजिक सेवा प्रसारण के उद्देश्य को प्रकाशित करने हेतु हमारे चैनल सर्विस प्रदान कर रहे इस दृष्टि से यह संस्था भारतीय भाषाओं की आवाज बन रही हैं।पत्रकारीय मूल्यों के साथ-साथ लोकतंत्र को परिष्कृत करने में भी हमने यथासंभव अपनी भूमिका निभाई है। करोना काल के दिनों में मानव रक्षा के लिए समाचार की जो भूमिका रही है, वह हमारा स्वर्णिम इतिहास है। निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के चलते नवप्रभा टाइम्स समाचार सत्ता प्रतिष्ठान का कोपभाजक बनता रहा है लेकिन, हमारा लक्ष्य ‘लोकतंत्र का परिष्कार और पुरस्कार’ रहा है।* सौजन्य: नवप्रभा टाइम्स जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *