प्रणव कुमार दुबे
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इजराइल के तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाले ‘फ्लायदुबई’ के एक यात्री विमान में संभावित अपहरण के अलर्ट ने अंतरराष्ट्रीय उड्डयन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया। मिली जानकारी के अनुसार, यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहे इस बोइंग 737 मैक्स 8 विमान ने उड़ान भरने के कुछ समय बाद आपातकालीन ‘स्क्वॉक कोड 7500’ प्रसारित किया। अंतरराष्ट्रीय उड्डयन में यह कोड विमान के अवैध कब्जे या संभावित अपहरण की स्थिति का संकेत माना जाता है। जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल के रडार पर यह सिग्नल दिखाई दिया, सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सतर्क हो गईं।
विमान द्वारा इस गंभीर संकट का संकेत भेजे जाने के बाद इजरायली वायु सेना ने अपने लड़ाकू विमानों को हवा में रवाना किया। संदिग्ध परिस्थितियों से निपटने और अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इजरायली फाइटर जेट्स ने विमान की निगरानी की। इस दौरान विमान की स्थिति और दिशा पर लगातार नजर रखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया।
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा और सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस विमान ने पहले सामान्य आपातकाल दर्शाने वाला ‘स्क्वॉक कोड 7700’ भेजा था, लेकिन इसके कुछ समय बाद इसे बदलकर ‘कोड 7500’ कर दिया गया। इस बदलाव के बाद विमान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। विमान ने अपनी निर्धारित उड़ान दिशा में बदलाव किया और उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर डायवर्ट किया गया, जहां विमान सुरक्षित रूप से उतरा।
बाद में सामने आई जानकारी के अनुसार, विमान में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हाईजैक किए जाने की पुष्टि नहीं हुई। रिपोर्टों में विमान के कॉकपिट में पायलटों के बीच हुई झड़प को इस घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया है। हालांकि, पूरे मामले की जांच की जा रही है और घटना के सभी कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। विमान के सऊदी अरब में सुरक्षित उतरने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। 7500 कोड के प्रसारण के कारण पैदा हुए हाईजैक अलर्ट के बाद विमान की गतिविधियों और कॉकपिट में हुई घटना को लेकर जांच जारी है।
