नितिन गुप्ता
खोर:विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी प्रतिभा को एक नया आयाम देने के उद्देश्य से आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल, खोर में ‘रंगभास नाट्यशाला’ के सहयोग से ‘शिक्षा में रंगमंच का महत्व’ (थिएटर इन एजुकेशन – TIE) विषय पर एक विशेष और प्रेरक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस अनूठी पहल का मुख्य लक्ष्य कलात्मक माध्यमों को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़कर बच्चों के सोचने और सीखने के तरीके में रचनात्मक बदलाव लाना था।
इस कार्यशाला का संचालन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के पूर्व छात्र श्री सुशील कांत मिश्रा और त्रिपुरा की प्रख्यात TIE विशेषज्ञ श्रीमती सावित्री एस. मिश्रा द्वारा किया गया। दोनों नाट्य विशेषज्ञों ने अपने गहन अनुभव और इंटरैक्टिव शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से छात्रों को आत्म-अभिव्यक्ति, प्रभावी संचार कौशल (कम्युनिकेशन) और आत्मविश्वास बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। थिएटर गतिविधियों के जरिए बच्चों ने अपनी झिझक को दूर कर खुलकर विचार व्यक्त करना सीखा।
कार्यशाला की सफलता पर स्कूल प्रशासन ने दोनों विशेषज्ञों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और रंगाभास नाट्यशाला के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि इस कार्यशाला से विद्यार्थियों को सीखने का एक नया, जीवंत और कलात्मक दृष्टिकोण मिला है, जो उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में मील का पत्थर साबित होगा। प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे बहुआयामी और रचनात्मक आयोजनों को जारी रखने की प्रतिबद्धता दो हराई।
