नितिन गुप्ता /प्रणव कुमार
दिल्ली के यमुना विहार में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज के सभागार में आगामी 18 जून 2026 को ‘अखिल भारतीय साहित्य परिषद’ द्वारा दिल्ली हिंदी अकादमी के सहयोग से ‘हल्दीघाटी बाल काव्य प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है जो न केवल एक साहित्यिक अनुष्ठान है बल्कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के शौर्य और हल्दीघाटी युद्ध विजय दिवस के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी के कंठ आओर मनोमस्तिष्क में उतारने का एक महती संकल्प है। इस प्रतियोगिता में राजकीय माध्यमिक विद्यालय ,यमुना विहार, सेंट मोरल ग्लोबल पब्लिक स्कूल ,यमुना विहार, गवर्नमेंट बॉयस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लिटिल फ्लावर्स पब्लिक स्कूल, मौजपुर, सेंट जेम्स पब्लिक स्कूल,गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, यमुना विहार, आकाशदीप मॉडल स्कूल समेत कई विद्यालयों के छठी,सातवीं व आठवीं कक्षा के 48 मेधावी विद्यार्थी कवि श्याम नारायण पांडेय द्वारा रचित अमर महाकाव्य ‘हल्दीघाटी’ की ओजस्वी पंक्तियों का पाठ कर राष्ट्रप्रेम की अलख जगाएंगे। प्रतियोगिता में प्रत्येक कक्षा से प्रथम,द्वितीय,तृतीय आने वाले विद्यार्थियों को नगद धनराशि से पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार श्री विनोद बब्बर मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे। हल्दीघाटी बाल काव्य पाठन/ गायन प्रतियोगिता के मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. बिजेंद्र कुमार, प्रो.शशि रानी, प्रो.कुशिककौशिक, और प्रो. ममता उपस्थित रहेगी। कार्यक्रम के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए प्रांत मंत्री इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, राकेश पांडे ने कहा कि विद्यार्थियों के अंदर राष्ट्र प्रेम,साहित्य प्रेम, आत्म प्रेम , आत्मबोध, राष्ट्र प्रथम के भाव को जागृत करना है। सायं 4 बजे से आरंभ होने वाले हल्दीघाटी बाल काव्य पाठन /गायन प्रतियोगिता मात्र एक प्रतियोगिता ही नहीं, अपितु आज के किशोर मन में स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति, अध्यात्म और कठिन परिस्थितियों में अडिग रहने वाली संघर्ष-शक्ति जैसे महान मानवीय मूल्यों का बीजारोपण करने का एक सशक्त माध्यम है यह आयोजन हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और बलिदान की उस पावन परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है जिसके माध्यम से हम अपनी भावी पीढ़ी को एक ऐसे जिम्मेदार, अनुशासित और राष्ट्र-प्रेमी नागरिक के रूप में ढाल सकें, जो भारतीय इतिहास के उन स्वर्णिम पृष्ठों से ऊर्जा प्राप्त कर भारत माता के मान-सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे।
