प्रणव कुमार अभय

वाराणसी के जिला मुख्यालय पर 2 अगस्त को विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन करते हुए एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गोपाल राय जी के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन में सनातन धर्म की आस्था पर कथित प्रहार और प्रभु श्री राम मंदिर की छवि का अनुचित प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए सांसद पप्पू यादव का पुतला फूंका। इस दौरान भारी संख्या में मौजूद परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा आक्रोश प्रकट किया।

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश मंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मनोज कुमार  ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि सनातन संस्कृति हमेशा से सहनशीलता का परिचय देती रही है, लेकिन इसे किसी को हमारी कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि सनातन धर्म और श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। प्रदेश मंत्री ने कहा कि भगवा वस्त्र धारण करके प्रभु श्री राम मंदिर की पवित्र छवि का इस प्रकार अनुचित उपयोग करना करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को गंभीर ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है, जिसके लिए पप्पू यादव को सार्वजनिक रूप से पूरे सनातन समाज से माफी मांगनी चाहिए।

वाराणसी में आयोजित इस आक्रोश प्रदर्शन के दौरान पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ और सनातन धर्म की रक्षा के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुख्य रूप से शामिल रहे, जिनमें ओ. पी. कश्यप, श्री कृष्णा पांडे, राजेश मौर्या, प्रवीश पांडेय, अखिलेश जी, शुभम् पटेल, प्रहलाद मौर्या, बबलू पटेल, विनय, विकास, शिवानंद शर्मा, राकेश मौर्या, सत्यप्रकाश, संजय पटेल, गुड्डू पटेल, छेदी पटेल, विवेक और साहिद अख़्तर समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के अंत में संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सनातन संस्कृति और उसके प्रतीकों का अनादर बंद नहीं हुआ, तो परिषद इस आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होगी।

By नवप्रभा टाइम्स

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