प्रणव कुमार दुबे
लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध इंद्रदमनेश्वर अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पवित्र संयोग के दिन एक अत्यंत हृदयविदारक और भयावह दुर्घटना घटित हो गई। आज तड़के मंदिर परिसर में अचानक फैली एक भ्रामक अफवाह के कारण मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की कुचलकर अकाल मृत्यु हो गई, जबकि दर्जनों अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। पवित्र सावन माह में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और मन्नतें मांगने पहुंचे हजारों भक्तों का धार्मिक उत्साह देखते ही देखते चीख-पुकार, अफरा-तफरी और कभी न भूलने वाले गहरे शोक में बदल गया।
विस्तृत विवरण के अनुसार, सावन के तीसरे सोमवार के साथ नागपंचमी का दुर्लभ धार्मिक संयोग होने के कारण रविवार की आधी रात से ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से आए हजारों श्रद्धालु रात से ही कतारों में खड़े होकर बाबा के दर्शन का इंतजार कर रहे थे। तड़के लगभग 4 बजे जैसे ही मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार खोले गए, जलार्पण करने की तीव्र होड़ में भीड़ का दबाव मुख्य गलियारे पर अचानक कई गुना बढ़ गया। इसी आपाधापी के बीच भीड़ में से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह झूठी खबर फैला दी गई कि मंदिर के मुख्य डोम के पास हाई-वोल्टेज बिजली का तार टूटकर गिर गया है और परिसर में करंट फैल रहा है।
करंट की इस भयानक अफवाह के फैलते ही मंदिर परिसर के अंदर मौजूद हजारों लोगों में बदहवास भगदड़ मच गई। अपनी जान बचाने की आपाधापी में लोग मुख्य निकास द्वार की ओर पागलों की तरह भागने लगे। गलियारा संकरा होने और निकास द्वार पर अप्रत्याशित दबाव बनने के कारण स्थिति कुछ ही सेकंडों में पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। भागती हुई बेकाबू भीड़ के सामने जो भी आया, वह नीचे गिरता चला गया। महिलाएं, बुजुर्ग और मासूम बच्चे पैरों तले कुचल दिए गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ का दबाव इतना भयानक था कि संभलने का कोई मौका ही नहीं मिला; दर्जनों लोग दम घुटने और अत्यधिक दबाव के कारण मौके पर ही अचेत हो गए। पूरा मंदिर प्रांगण बिखरी हुई पूजा सामग्रियों, अक्षत, फूलों, चप्पलों और लहूलुहान पड़े श्रद्धालुओं के शरीरों से भर गया।
हादसे की खबर जंगल में आग की तरह फैलते ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और भारी पुलिस बल की टुकड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और बिखरे पड़े घायलों को संभाला। लखीसराय के एसडीपीओ शिव कुमार ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और हादसे में 7श्रद्धालुओं की मौत की आधिकारिक पुष्टि की। घायलों को तुरंत दर्जनों एम्बुलेंस और प्रशासनिक वाहनों के माध्यम से लखीसराय सदर अस्पताल एवं आसपास के अन्य अस्पतालों में पहुंचाया गया। सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की विशेष टीम घायलों के इलाज में जुटी हुई है, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
घटना के बाद पूरे अशोकधाम मंदिर क्षेत्र को सुरक्षा बलों ने अपने घेरे में लेकर खाली करा लिया है। मंदिर परिसर में व्याप्त भारी तनाव और शोक को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिला प्रशासन ने इस भीषण हादसे के कारणों की गहन पड़ताल के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन का आदेश दिया है। पुलिस मंदिर परिसर और आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भीड़ में बिजली का तार टूटने और करंट फैलने की झूठी अफवाह किस शरारती तत्व ने फैलाई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
