डॉ सत्य प्रकाश तिवारी
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। दिल्ली और रांची के छात्रों के आंदोलन के बाद अब बिहार की राजधानी पटना छात्र आंदोलन का नया और मुख्य केंद्र बन गई है। बिहार की शिक्षक भर्ती परीक्षा (BPSC TRE-4) के आयोजन में हो रहे लगातार देरी और परीक्षा पैटर्न में अचानक किए गए बदलावों से अभ्यर्थियों के बीच भारी असंतोष और गुस्सा देखा जा रहा है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे अभ्यर्थियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है, जिससे राज्य सरकार और प्रशासन की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं।
छात्रों की इस नाराजगी को बड़ा रूप देते हुए पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की शुरुआत कर दी गई है। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। गर्दनीबाग में पहले से ही छात्रों का एक गुट अनशन पर डटा हुआ था और अब इस नए ऐलान के बाद आंदोलन और अधिक तीव्र हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार परीक्षा की तिथियों में बदलाव और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
अपनी मांगों पर अडिग छात्रों ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए बड़ा फैसला लिया है। अभ्यर्थियों ने ऐलान किया है कि यदि अगले 5 दिनों के भीतर उनकी समस्याओं और मांगों का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो वे उग्र आंदोलन करते हुए बिहार विधानसभा का घेराव करेंगे।
छात्रों की स्पष्ट मांग है कि BPSC TRE-4 परीक्षा का पारदर्शी तरीके से बिना किसी देरी के आयोजन किया जाए, परीक्षा पैटर्न के संशय को दूर किया जाए और राज्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष एवं सुचारू रूप से कराया जाए।
छात्रों के इस बढ़ते आक्रोश के बीच राज्य में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज़ हो गई है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने छात्रों के समर्थन में 19 अगस्त को राजभवन मार्च का आह्वान किया है। RJD नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिहार अब पेपर लीक और अनिश्चितता का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने मैट्रिक, इंटरमीडिएट, सिपाही भर्ती और शिक्षक बहाली जैसी तमाम परीक्षाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कोई भी भर्ती निष्पक्ष तरीके से पूरी नहीं हो पा रही है और सरकार केवल घोटालों को संरक्षण दे रही है।
तेजस्वी यादव ने राज्य के सभी छात्रों, बेरोजगार युवाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस लड़ाई में एकजुट हों और 19 अगस्त के राजभवन मार्च में शामिल होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करें। एक तरफ जहां गर्दनीबाग में छात्रों का अनशन जारी है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दलों के समर्थन से इस आंदोलन के और अधिक व्यापक होने की संभावना बन गई है। फिलहाल, छात्रों के इस कड़े रुख और लगातार बनते दबाव के बाद सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
