यश पांडेय
नई दिल्ली।छठ महापर्व से पहले दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों बिहार और पूर्वांचल के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। हर साल दीपावली और छठ के दौरान घर जाने के लिए ट्रेनों में लंबी वेटिंग और निजी बस संचालकों की मनमानी से परेशान होने वाले यात्रियों को अब सीधी सरकारी बस सेवा का विकल्प मिलने जा रहा है। दिल्ली और बिहार सरकार मिलकर दोनों राज्यों के बीच नियमित अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की तैयारी में हैं।
जानकारी के अनुसार, इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए सितंबर में दिल्ली और बिहार के परिवहन विभागों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद बसों के संचालन की तारीख, रूट, समय-सारिणी और किराए की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि छठ से पहले यह सेवा शुरू हो जाए, ताकि त्योहार के दौरान यात्रियों को बड़ी राहत मिल सके।
योजना के पहले चरण में दिल्ली के आनंद विहार और कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस अड्डों से बिहार के छह प्रमुख शहरोंमे पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया—के लिए सीधी बसें चलाई जाएंगी। लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए एसी, वोल्वो और स्लीपर श्रेणी की आधुनिक बसों को शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी पैनिक बटन और ऑनलाइन सीट बुकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे यात्री घर बैठे टिकट बुक कर सकेंगे और पूरी यात्रा के दौरान बस की लोकेशन भी ट्रैक कर पाएंगे।
दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में बिहार और पूर्वांचल के लोग रहते हैं। त्योहारों के समय लाखों लोग अपने घर लौटते हैं, जिसके कारण ट्रेनों और विमानों में भारी भीड़ हो जाती है। ऐसे में दोनों राज्यों की यह संयुक्त पहल न केवल यात्रियों को किफायती और सुरक्षित सफर का विकल्प देगी, बल्कि ट्रेनों पर बढ़ने वाले अतिरिक्त दबाव को भी कम करने में मदद करेगी।
यदि योजना तय समय के अनुसार लागू होती है, तो इस बार छठ महापर्व पर बड़ी संख्या में प्रवासी परिवारों को अपने घर पहुंचने में पहले की तुलना में काफी आसानी होगी। लंबे समय से जिस सीधी सरकारी बस सेवा की मांग की जा रही थी, उसके साकार होने की उम्मीद अब मजबूत होती दिखाई दे रही है।
