प्रणव कुमार अभय

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे एक बार फिर देश की जनता के रूबरू होंगे, जिसे लेकर पूरे देश में अटकलों और उत्साह का माहौल चरम पर है। हालांकि सरकार की ओर से संबोधन के आधिकारिक विषय को गुप्त रखा गया है, लेकिन सत्ता के गलियारों में यह प्रबल चर्चा है कि प्रधानमंत्री ‘महिला आरक्षण बिल’ के ऐतिहासिक पड़ाव और उससे उपजे नए राजनीतिक परिदृश्य पर राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस मंच का उपयोग देश की ‘आधी आबादी’ को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त करने और इस कानून के दूरगामी प्रभावों को साझा करने के लिए करेंगे।

इस संबोधन की टाइमिंग को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह न केवल आगामी चुनावी बिसात को प्रभावित कर सकता है, बल्कि विपक्ष के तीखे सवालों के बीच प्रधानमंत्री अपनी सरकार के ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ के विजन को सीधे जनता की अदालत में रख सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस दौरान संसद के विशेष सत्र के अनुभवों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए क्रांतिकारी कदमों का खाका खींचेंगे। जब भी प्रधानमंत्री ने इस तरह अचानक राष्ट्र को संबोधित किया है, देश ने हमेशा किसी न किसी बड़े बदलाव या ऐतिहासिक घोषणा का साक्षात्कार किया है। ऐसे में आज रात साढ़े आठ बजे की घड़ी पूरे देश के लिए उत्सुकता और उत्सुकता भरी होने वाली है, जहाँ पीएम मोदी के एक-एक शब्द पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी।

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