नन फीचर कैटेगरी में काकोरी को मिलेगा सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार
इससे पहले भी नेशनल अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं फिल्मकार कमलेश मिश्र
बिहार के सबसे अधिक कलाकारों के दम पर बनी है काकोरी फिल्म
प्रणव कुमार अभय
गोपालगंज जिले के हथुआ प्रखंड के सिंगहा गांव निवासी फिल्म डायरेक्टर कमलेश मिश्र की फिल्म “काकोरी” का चयन 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए हुआ है. नन फीचर श्रेणी में ”काकोरी” को सर्वश्रेष्ठ फिल्म ( ऐतिहासिक पुनर्निर्माण) का पुरस्कार मिलेगा. शनिवार की शाम भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा इसकी घोषणा की गयी. कमलेश मिश्र ने अपनी इस उपलब्धि से एक बार फिर गोपालगंज का मान- सम्मान बढ़ाया है. इससे पूर्व भी कमलेश मिश्र को नेशनल अवार्ड मिल चुका है. इस बार फिर उनके द्वारा निर्देशित फिल्म ”काकोरी” ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनायी है. कमलेश मिश्र ने बताया कि यह फिल्म काकोरी कांड पर आधारित है. स्वतंत्रता संग्राम को नया तेवर देने वाला काकोरी रेल एक्शन सन 1925 में घटित हुआ था. रामप्रसाद बिसमिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, चंद्रशेखर आज़ाद आदि क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को सीधी चुनौती देते हुए चलती ट्रेन से उनका खजाना लूट लिया था. बाद में अंग्रेजी हुकूमत ने रामप्रसाद बिसमिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा सुनायी थी. काकोरी रेल एक्शन के सौ साल पूरे होने पर बीते वर्ष श्रद्धांजलि स्वरूप इस फ़िल्म का निर्माण किया गया था. उन्होंने बताया कि सफलता की इस यात्रा में प्रोड्यूसर जसविंदर सिंह व प्रोड्यूसर मिंटी मिश्रा की अहम भूमिका रही.
गोपालगंज से है फिल्म काकोरी का गहरा नाता है फिल्म काकोरी का बिहार व गोपालगंज से गहरा नाता है. लेखक व निर्देशक कमलेश मिश्र और प्रोड्यूसर मिंटी मिश्रा तो गोपालगंज हैं ही, “काकोरी” टीम के कास्टिंग डायरेक्टर सोनू सिंह राजपूत बरौली के हलुआर पीपरा के रहने वाले हैं, तो मानवेंद्र त्रिपाठी कटेया के गौरा गांव के रहने वाले वरीय अधिवक्ता राम व्यास तिवारी के पुत्र हैं. फ़िल्म में गोपालगंज के पियुष सिंह भी एक महत्वपूर्ण किरदार में हैं
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फिल्म में इन कलाकारों ने निभाया क्रांतिकारियों का किरदार फ़िल्म में राजेंद्र नाथ लाहिड़ी का किरदार निभाने वाले संतोष कुमार ओझा बिहार के बक्सर से, तो कृष्णा भट्ट और नीरज मिश्रा आरा से हैं. सहायक निर्देशक दीपक पटेल सिवान से हैं और प्रोडक्शन हेड सुभाष कुमार मधुबनी से हैं.
फ़िल्म में अभिनेता पीयूष सुहाने ने रामप्रसाद बिसमिल की भूमिका निभायी है. मानवेंद्र त्रिपाठी अश्फाल उल्ला ख़ान और विकास श्रीवास्तव रोशन सिंह के किरदार में हैं. रजनीश कौशिक चंद्रशेखर आज़ाद और संजय मोदयानी अंग्रेज़ जज की भूमिका में हैं. देव अग्रवाल फ़िल्म के डीओपी हैं. म्यूजिक दिया है बापी भट्टाचार्य ने और साउंड डिज़ाइनर हैं शांतनु मुखर्जी. अमित मुतरेजा, रवींद्र शिंदे ने फ़िल्म के गीत गाये हैं, जिन गीतों को खुद कमलेश मिश्र ने लिखा है.बड़े भाई के मार्गदर्शन से आसान हुई सफलता की राह कमलेश मिश्र की इस सफलता से सिंगहा गांव में खुशी का माहौल है. जिले के तमाम लोगों ने कमलेश मिश्र को बधाई दी है. कमलेश मिश्र ने बताया कि बड़े भाई दिनेश मिश्र के मार्गदर्शन व स्नेह से ही इस तरह की सफलताएं मिल रही हैं.
प्रोड्यूसर ने कहा-अमर क्रांतिकारियों को समर्पित है यह फिल्म फिल्म के प्रोड्यूसर जसविंदर सिंह ने कहा कि फिल्म काकोरी उन अमर क्रांतिकारियों को समर्पित है, जिनकी शहादत की बदौलत आज हम आजाद हैं. जसविंदर सिंह ने कहा कि उनके बलिदान का कर्ज कभी चुकाया नहीं जा सकता है. इस फिल्म के माध्यम से देश के प्रति उनके समर्पण व उनकी शहादत को दिखाने की कोशिश की गयी है.
कमलेश मिश्र की फिल्म”मधुबनी-द स्टेशन ऑफ कलर्स” को भी मिल चुका है नेशनल अवार्डइससे पूर्व भी कमलेश मिश्र की कई फिल्में धमाल मचा चुकी हैं. 2018 में इनकी फिल्म ”मधुबनी- द स्टेशन ऑफ कलर्स” को नेशनल अवार्ड मिल चुका है. बेस्ट नैरेशन की श्रेणी में इस फिल्म को नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया था. इस बार भी इनकी फिल्म ”काकोरी” के नेशनल अवार्ड के लिए चयनित होने पर गोपालगंज की मिट्टी फिर गौरवान्वित हुई है.
नेशनल फिल्म अवार्ड के लिए बिहार के चार लोगों का हुआ है चयन 72वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार के लिए इस बार बिहार से चार लोगों का चयन हुआ है. जिनमें डायरेक्टर के रूप में कमलेश मिश्र व प्रोड्यूसर के रूप में मिंटी मिश्रा सम्मानित होंगी. वहीं, सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म समीक्षक का अवार्ड संजीव श्रीवास्तव को तथा सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का अवार्ड संजय मिश्र को मिलेगा.
