प्रणव कुमार अभय
बिहार के गोपालगंज जिले से एक ऐसा अनूठा और हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा और देशी जुगाड़ के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अपनी गाढ़ी कमाई से खरीदी गई नई गाड़ी को चोरों, उचक्कों और असामाजिक तत्वों से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए एक युवक ने जो अनोखी तरकीब निकाली है, उसकी चर्चा अब सिर्फ जिले में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में आग की तरह फैल चुकी है। आमतौर पर लोग अपने कीमती वाहनों की सुरक्षा के लिए गैरेज बनवाते हैं, आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगवाते हैं या फिर डिजिटल अलार्म और जीपीएस ट्रैकर का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, गोपालगंज के इस युवक ने अपनी चमचमाती स्कॉर्पियो को सीधे अपने दो मंजिला मकान की छत पर ही पार्क करवा दिया।
यह दिलचस्प और अनोखा पूरा मामला गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र स्थित मीरा टोला गांव का है। गांव के निवासी मनोज यादव रोजगार के सिलसिले में लंबे समय से इज़राइल में रहकर नौकरी करते हैं। वह हाल ही में करीब दो महीने की छुट्टी पर अपने गांव मीरा टोला आए थे। छुट्टी के दौरान अपने परिवार के साथ घूमने-फिरने, रिश्तेदारों से मिलने और अपने निजी कामों को पूरा करने के लिए उन्होंने एक नई स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी थी। हालांकि, जैसे-जैसे उनकी छुट्टी की अवधि समाप्त होने के करीब पहुंची और इज़राइल वापस लौटने का समय आया, मनोज के मन में अपनी नई गाड़ी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने लगी।
मनोज यादव की सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि उनके विदेश चले जाने के बाद घर पर ऐसा कोई जिम्मेदार सदस्य मौजूद नहीं था जो रोजाना गाड़ी की रखवाली या देखरेख कर सके। ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं जहां लंबे समय तक बाहर या खुले में खड़ी गाड़ियों के टायर, बैटरी, स्टीरियो या अन्य महंगे पार्ट्स चोरी हो जाते हैं। कई बार असामाजिक तत्व खड़ी गाड़ियों को नुकसान भी पहुंचा देते हैं। मनोज को इस बात का गहरा डर सता रहा था कि दो महीने तक घर से दूर रहने के दौरान दरवाजे या सड़क किनारे खड़ी उनकी गाड़ी पूरी तरह असुरक्षित रहेगी।
अपनी प्रिय कार को संभावित नुकसान और चोरी से बचाने के लिए मनोज यादव ने कई दिनों तक अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया। जब कोई भी पारंपरिक सुरक्षा तरीका उन्हें शत-प्रतिशत सुरक्षित नहीं लगा, तो उनके दिमाग में एक ऐसा अनोखा विचार आया जिसे सुनकर शुरुआत में हर कोई हैरान रह गया। मनोज ने फैसला किया कि वह अपनी गाड़ी को जमीन पर किसी भी जगह पार्क करने के बजाय सीधे अपने मकान की छत पर खड़ा कर देंगे। जब उन्होंने अपना यह प्लान अपने परिवार और गांव के लोगों के साथ साझा किया, तो पहले तो लोगों ने इसे एक मजाक या नामुमकिन सा विचार माना, लेकिन मनोज अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग थे।
अपने इस मास्टरप्लान को हकीकत में बदलने के लिए मनोज यादव ने बकायदा एक भारी-भरकम हाइड्रोलिक क्रेन की व्यवस्था की। तय योजना के तहत करीब एक सप्ताह पहले विशाल क्रेन गांव की गलियों से होती हुई मनोज के घर के दरवाजे पर पहुंची। इसके बाद क्रेन ऑपरेटर और उसके सहायकों ने स्कॉर्पियो के पहियों और चेसिस को बेहद मजबूत रस्सियों व नायलॉन के पट्टों से सुरक्षित रूप से बांध दिया। पूरी सावधानी, सही संतुलन और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए क्रेन ने भारी-भरकम गाड़ी को जमीन से धीरे-धीरे हवा में उठाना शुरू किया।
जैसे ही क्रेन ने भारी स्कॉर्पियो को हवा में उठाया, यह अद्भुत और अनोखा नजारा देखने के लिए मीरा टोला गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे कि अपनी गाड़ी को चोरों से बचाने के लिए कोई इस हद तक भी सोच सकता है। क्रेन ने गाड़ी को बड़ी ही नजाकत और कुशलता के साथ छत के खुले हिस्से पर ले जाकर सुरक्षित तरीके से लैंड करा दिया। इस दौरान वहां मौजूद कई स्थानीय युवाओं ने अपने मोबाइल फोन से इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्कॉर्पियो को छत पर पहुंचाए जाने का यह वीडियो वायरल होते ही लोग इस पर तरह-तरह की मजेदार और अनोखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे “बिहार का सबसे सुरक्षित वीआईपी पार्किंग सिस्टम” बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे “देसी दिमाग और बेजोड़ इंजीनियरिंग” का नाम दे रहे हैं। वहीं, मीरा टोला गांव के स्थानीय निवासियों ने तो अब इस वाहन का नया नाम ही ‘छत वाली स्कॉर्पियो’ रख दिया है। आसपास के गांवों से भी लोग अब इस अनोखी पार्किंग व्यवस्था को अपनी आंखों से देखने और छत पर खड़ी गाड़ी का नजारा लेने मनोज के घर पहुंच रहे हैं।
इस अनूठे और जोखिम भरे प्रयोग के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद मनोज यादव बेहद खुश और तनावमुक्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि अब वह बिना किसी मानसिक तनाव, डर या चिंता के वापस इज़राइल जाकर अपनी नौकरी पर ध्यान दे सकते हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि जब तक वह विदेश में रहेंगे, उनकी स्कॉर्पियो छत पर पूरी तरह से महफूज रहेगी और किसी भी चोर या असामाजिक तत्व की पहुंच से कोसों दूर रहेगी। यह घटना अब पूरे गोपालगंज जिले में कौतूहल और चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है।
