नितिन गुप्ता

भोपाल, 17 अगस्त 2026। भारतीय न्यूक्लियर सोसाइटी (INS), मुंबई के सहयोग से माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में “परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी की सफलता में जनसंचार माध्यमों की भूमिका” विषय पर जन-जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य परमाणु ऊर्जा के वैज्ञानिक, तकनीकी और सामाजिक महत्व के साथ-साथ इसके संबंध में आमजन तक सही एवं तथ्यपरक जानकारी पहुंचाने में जनसंचार माध्यमों की भूमिका को रेखांकित करना था। कार्यक्रम का आयोजन लता मंगेशकर सभागार में किया गया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री विजय मनोहर तिवारी एवं कुलसचिव प्रो. पी. शशिकला सहित भारतीय परमाणु सोसाइटी, NPCIL और BARC के वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. वी. के. मनचंदा, अध्यक्ष, INS थे। अन्य प्रमुख अतिथियों में श्री ए. के. सिन्हा, एसोसिएट डायरेक्टर, NPCIL, डॉ. अर्चना मिश्रा, सीनियर साइंटिस्ट, BARC, डॉ. हृषिकेश मिश्रा, डिस्टिंग्विश्ड साइंटिस्ट, BARC, श्री ओ. पी. राय, INS तथा डॉ. पवित्र श्रीवास्तव, कन्वेनर, MCU शामिल रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन दीपिका सक्सेना ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कुलसचिव प्रो. पी. शशिकला ने अतिथियों का परिचय कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय न्यूक्लियर सोसाइटी, मुंबई द्वारा विश्वविद्यालय में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।

विश्वविद्यालय के कुलपति श्री विजय मनोहर तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने पत्रकारिता जीवन और देश के विभिन्न हिस्सों की यात्राओं के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों को केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी विषयों की भी गहरी समझ विकसित करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यधारा की पत्रकारिता में आई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारिता को तथ्यों, विश्वसनीयता और जनहित के सही मार्ग पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती परमाणु ऊर्जा क्षमता देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य अतिथि प्रो. वी. के. मनचंदा ने विश्वविद्यालय द्वारा आमंत्रित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारतीय न्यूक्लियर सोसाइटी की स्थापना और उसके उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि INS देश के विभिन्न संस्थानों के साथ मिलकर परमाणु ऊर्जा के प्रति वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से पत्रकारिता के विद्यार्थियों के बीच इस विषय पर संवाद को महत्वपूर्ण बताया। प्रो. मनचंदा ने Human Development Index और प्रति व्यक्ति विद्युत उपयोग के संबंध को समझाते हुए कहा कि किसी देश के विकास में ऊर्जा की उपलब्धता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि भारत अभी भी ऊर्जा आपूर्ति के मामले में कई विकसित एवं विकासशील देशों से पीछे है और प्रति व्यक्ति विद्युत उपलब्धता बढ़ाना देश के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने भारत के परमाणु कार्यक्रम की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए 1956 के अप्सरा रिएक्टर, 1960 के CIRUS, 1961 के Zerlina, 1972 के पूर्णिमा, 1964 के प्लूटोनियम संयंत्र, 1974 के पोखरण-I और 1998 के पोखरण-II जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने दुनिया में हुए प्रमुख परमाणु हादसों में 1979 का थ्री माइल आइलैंड हादसा (अमेरिका), 1986 की चेर्नोबिल दुर्घटना (तत्कालीन सोवियत संघ) और 2011 की फुकुशिमा दाइची दुर्घटना (जापान) का उदाहरण देते हुए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुरक्षा और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया। प्रो. मनचंदा ने न्यूक्लियर फ्यूल साइकिल को ग्राफ एवं चित्रों के माध्यम से सरल तरीके से समझाया। उन्होंने INS के परमाणु ईंधन चक्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं और विभागों की विस्तृत जानकारी भी विद्यार्थियों को दी।

डॉ. हृषिकेश मिश्रा ने परमाणु रिएक्टर की कार्यप्रणाली को वैज्ञानिक सूत्रों एवं चित्रों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कुडनकुलम, कल्पक्कम के PFBR, RAPS सहित भारत के विभिन्न परमाणु रिएक्टरों की जानकारी दी तथा इनके निर्माण और संचालन में आने वाली तकनीकी चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने परमाणु रिएक्टर के फ्यूल साइकिल और न्यूक्लियर वेस्ट मैनेजमेंट को भी विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि परमाणु क्षेत्र में उत्पन्न अपशिष्ट के सुरक्षित प्रबंधन और पुनः उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने विभिन्न प्रकार के फ्यूल साइकिल को चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। डॉ. अर्चना मिश्रा ने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े पर्यावरणीय पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए वैज्ञानिक एवं संस्थागत स्तर पर विभिन्न उपाय किए जाते हैं। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण तथा हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि परमाणु ऊर्जा जैसे वैज्ञानिक और तकनीकी विषयों को आम जनता तक पहुंचाने में मीडिया की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकारों और मीडिया विद्यार्थियों को वैज्ञानिक तथ्यों को समझकर उन्हें सरल, प्रमाणिक और संतुलित तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि समाज में परमाणु ऊर्जा को लेकर जागरूकता बढ़े और भ्रांतियों को दूर किया जा सके। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने समापन वक्तव्य देते हुए सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और पत्रकारिता के बीच संबंध को समझने में सहायता करते हैं।

By नवप्रभा टाइम्स

*नवप्रभा टाइम्स ख़बरें की दुनिया एक भारत में विस्तार के लिए सदैव तत्पर है, बिहार व उत्तर प्रदेश से आधारित समाचार और समसामयिकी चैनल है।[1] अपने भारतीय दर्शकों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, और भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहलुओं पर एक अद्यतन प्रदान करता है।[2] यह सेवा ऑनलाइन और इसके मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रसारित की जाती है। यह 15 जून 2020 से सेवा प्रदान किया जा रहा है। न्यूज़ पोर्टल न्यूज़ चैनल, व राजनीतिक साक्षात्कार, सामाजिक साक्षात्कार, के माननीय दर्शक हमारे ग्राहक है।‌ हमारा कौशल विविध भारतीय भाषाओं में त्वरित गति से खबर देने के लिए सदैव गतिशील है। साप्ताहिक साक्षात्कार के साथ साथ सामाजिक सेवा प्रसारण के उद्देश्य को प्रकाशित करने हेतु हमारे चैनल सर्विस प्रदान कर रहे इस दृष्टि से यह संस्था भारतीय भाषाओं की आवाज बन रही हैं।पत्रकारीय मूल्यों के साथ-साथ लोकतंत्र को परिष्कृत करने में भी हमने यथासंभव अपनी भूमिका निभाई है। करोना काल के दिनों में मानव रक्षा के लिए समाचार की जो भूमिका रही है, वह हमारा स्वर्णिम इतिहास है। निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के चलते नवप्रभा टाइम्स समाचार सत्ता प्रतिष्ठान का कोपभाजक बनता रहा है लेकिन, हमारा लक्ष्य ‘लोकतंत्र का परिष्कार और पुरस्कार’ रहा है।* सौजन्य: नवप्रभा टाइम्स जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed