नितिन गुप्ता/प्रणव कुमार
स्वतंत्रता दिवस के पावन और गौरवमयी अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का एक अत्यंत व्यापक और विज़नरी रोडमैप दुनिया के सामने पेश किया।
अपने 12 वर्षों के लगातार कार्यकाल के दौरान अब तक का सबसे अनूठा, साहसिक और दूरगामी भाषण देते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की विकास यात्रा, वैश्विक नेतृत्व और 2047 के स्वर्णिम स्वप्न की सबसे मुख्य धुरी देश की अपार ‘युवा शक्ति’ है। तथा पीएम मोदी ने युवाओं के लिए संभावनाओं और सौगातों का पिटारा खोलते हुए प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), खेल, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अति-महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऐसी युगांतरकारी घोषणाएं की,जो भारत को आने वाले दशकों में एक वैश्विक अग्रणी महाशक्ति के रूप में मजबूती से स्थापित करने की ठोस नींव रखती है।
युवाओं को 21वीं सदी की अत्याधुनिक और परिवर्तनकारी तकनीकों से लैस करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने देश के इतिहास का सबसे बड़ा Skilling Push शुरू करने का ऐतिहासिक ऐलान किया। उन्होंने घोषणा किया कि सरकार आने वाले महज एक वर्ष के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल्स की मुफ्त और उच्चस्तरीय ट्रेनिंग प्रदान करेगी, ताकि भारतीय युवा वैश्विक टेक इंडस्ट्री में अग्रणी भूमिका निभा सके। इसके साथ ही, आर्थिक तंगी और महंगे कोचिंग सेंटरों के भारी वित्तीय बोझ से दब रहे गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों, विशेषकर ‘जेन जी’ (Gen Z) और ‘जेन अल्फा’ (Gen Alpha) को बड़ी सौगात देते हुए उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग’ प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का ऐलान किया।
देश की तकनीकी और आर्थिक संप्रभुता को अटूट बनाने के लिए उन्होंने सेमीकंडक्टर उत्पादन (नए सेमीकंडक्टर संयंत्रों की स्थापना), परमाणु ऊर्जा, एआई, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी के सम्मिलित विकास को ‘शक्ति की सप्तधारा’ के रूप में परिभाषित किया और युवाओं से इन नए अवसरों का नेतृत्व करने का आह्वान किया।
खेल जगत में भारत की साख को वैश्विक पटल पर सर्वोच्च पायदान पर पहुंचाने के दृढ़ संकल्प के साथ प्रधानमंत्री ने 2036 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी की भारत की तैयारियों और वैश्विक महत्वाकांक्षा को दोहराया। उन्होंने कहा कि पदक तालिका में भारत की उपस्थिति को मजबूत बनाने के लिए केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा जा सकता, इसलिए 5 से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए देश के ग्रामीण इलाकों और गांवों की गलियों से खेल प्रतिभाओं की खोज करने हेतु एक व्यापक ‘राष्ट्रीय टैलेंट हंट’ अभियान चलाया जाएगा। इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण भारत की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को बहुत ही कम उम्र में पहचानकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर पोषण और अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि जब भारत 2036 में दुनिया की अगवानी करे, तो ओलंपिक पोडियम पर हमारा तिरंगा सबसे ऊपर लहराता हुआ नजर आए।
आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के अत्यंत संवेदनशील मोर्चे पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सुरक्षा व्यवस्था के नए और कड़े आयामों को रेखांकित किया।
उन्होंने देश की वैचारिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बने हथियारी नक्सल,दिमागी नक्सल और अर्बन नक्सलवाद के बीच के सूक्ष्म और गंभीर अंतर को स्पष्ट करते हुए पूरे राष्ट्र को चौकस रहने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जहां सुरक्षा बलों ने हथियारों के बल पर हिंसा फैलाने वाले नक्सलवाद को हाशिए पर धकेल दिया है, वहीं देश के युवाओं को गुमराह करने, विकास की गति को बाधित करने और संस्थाओं को कमजोर करने वाले ‘दिमागी नक्सलवाद’ को पहचानना और बेअसर करना भी उतना ही आवश्यक है। इसके साथ ही, सैन्य बलों की परिचालन क्षमता और रक्षा उत्पादन शक्ति को कई गुना बढ़ाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों और आधुनिक नागरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक व्यापक, आधुनिक और सुदृढ़ ‘सिविल डिफेंस वॉलंटियर नेटवर्क’ तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
