प्रणव कुमार अभय
गोपालगंज: जिले के हथुआ प्रखंड के सिंगहा गांव के रहने वाले कमलेश के मिश्र की फिल्म “काकोरी” का चयन भारत सरकार द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (MIFF 2026) में नेशनल कॉम्पिटिशन श्रेणी के लिए किया गया है. कमलेश मिश्र ने बताया कि यह उपलब्धि हमारे लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि इससे पहले “काकोरी” को 56वें IFFI 20025, गोवा में गैर-फीचर श्रेणी की ओपनिंग फिल्म बनने का सम्मान प्राप्त हुआ था. अब यह दूसरा बड़ा पड़ाव हमारी पूरी टीम के समर्पण, मेहनत और विश्वास का प्रमाण है.
गौरतलब है कि स्वतंत्रता संग्राम को नया तेवर देने वाला काकोरी रेल एक्शन सन 1925 में घटित हुआ था। रामप्रसाद बिसमिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, चंद्रशेखर आज़ाद आदि क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को सीधी चुनौती देते हुए चलती ट्रेन से उनका खजाना लूट लिया था। बाद में अंग्रेजी हुकूमत ने रामप्रसाद बिसमिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को फाँसी की सजा सुनायी थी। काकोरी रेल एक्शन के सौ साल पूरे होने पर बीते वर्ष श्रद्धांजलि स्वरूप इस फ़िल्म का निर्माण किया गया था।
कमलेश मिश्र ने बताया कि इस यात्रा में हर कदम हमारा साथ देने और हमें हौसला बढ़ाने वाले हमारे प्रोड्यूसर जसविंदर सिंह व सह-प्रोड्यूसर मिंटी मिश्रा की भूमिका प्रमुख रही. इस फ़िल्म के निर्माण में टीम काकोरी ने पूरे समर्पण के साथ काम किया। टीम काकोरी का गोपालगंज से गहरा नाता है। लेखक निर्देशक कमलेश के मिश्र और प्रोडूसर मिंटी मिश्रा तो गोपालगंज हैं ही,
“काकोरी” टीम के कास्टिंग डायरेक्टर सोनू सिंह राजपूत बरौली के हलुआर पीपरा के रहने वाले हैं तो मानवेंद्र मिश्र कटेया के गौरा गांव के रहने वाले वरीय अधिवक्ता राम व्यास तिवारी के पुत्र हैं. फ़िल्म में गोपालगंज के पियुष सिंह भी एक महत्वपूर्ण किरदार में हैं। फ़िल्म में राजेंद्र नाथ लाहिड़ी का किरदार निभाने वाले संतोष कुमार ओझा बिहार के बक्सर से तो कृष्णा भट्ट और नीरज मिश्रा आरा से हैं। सहायक निर्देशक दीपक पटेल सिवान से हैं और प्रोडक्शन हेड सुभाष कुमार मधुबनी से।
फ़िल्म में अभिनेता पियुष सुहाने ने रामप्रसाद बिसमिल की भूमिका निभाई, मानवेन्द्र ने अश्फ़ाक उल्ला ख़ान की और विकास श्रीवास्तव रोशन सिंह के किरदार में हैं। रजनीश कौशिक चंद्रशेखर आज़ाद और संजय मोदयानी अंग्रेज़ जज की भूमिका में हैं ।
फ़िल्म के डीओपी हैं देव अग्रवाल। म्यूजिक दिया है बापी भट्टाचार्य ने और साउंड डिज़ाइनर हैं शांतनु मुखर्जी। अमित मुतरेजा, राजविंद्र शिंदे ने फ़िल्म के गीत गाये हैं, जिन्हें लिखा है ख़ुद कमलेश मिश्र ने। मुंबई इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल के राष्ट्रीय प्रतियोगिता खंड चयनित होने से पूरी टीम खुश और उत्साहित है।
