भारती
लखनऊ: स्वतंत्रता दिवस के पावन और गौरवमयी अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित विधानभवन का प्रांगण राष्ट्रभक्ति के अभूतपूर्व उल्लास, राष्ट्रीय तिरंगे की भव्यता और अपार जनसैलाब की उपस्थिति का साक्षी बना। राज्यस्तरीय राजकीय मुख्य समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह 3 किलोमीटर स्थित अपने सरकारी आवास और तत्पश्चात ऐतिहासिक विधानभवन के मुख्य द्वार पर 100 फीट ऊंचे विशाल राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण कर तिरंगे को आन-बान-शान से सलामी दी। ध्वजारोहण संपन्न होते ही पुलिस व सेना के संयुक्त बैंड की राष्ट्रगान की ओजस्वी धुन और 21 तोपों की धमाकेदार गड़गड़ाहट से पूरा हज़रतगंज और विधानभवन परिसर “भारत माता की जय” और “जय हिंद” के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने खुली जिप्सी पर सवार होकर प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस आयुक्त और परेड कमांडर के साथ अनुशासित टुकड़ियों का गहन निरीक्षण किया तथा पूरे प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच पर उत्तर प्रदेश सरकार की पूरी शीर्ष राजनीतिक और प्रशासनिक मशीनरी एक साथ मौजूद नजर आई। मुख्य समारोह में दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, राज्य कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रीगण जैसे सूर्य प्रताप शाही, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, नगर विकास मंत्री एके शर्मा, जल शक्ति मंत्री और कृषि मंत्री सहित उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के तमाम मंत्रीगण, राज्य विधानमंडल के विधायक व विधान पार्षद उपस्थित रहे। इनके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार, लखनऊ के जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, भारतीय सेना, यूपी पुलिस व केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के उच्च अधिकारी, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, पद्म पुरस्कार से सम्मानित विशिष्ट अतिथि तथा हजारों की संख्या में पहुंचे आम नागरिक व विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं इस भव्य समारोह के साक्षी बने।
ध्वजारोहण के बाद मंच से राज्य की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के निर्माण का दृढ संकल्प लिया। उन्होंने अपने ओजस्वी अभिभाषण में सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि देश और प्रदेश की शांति को भंग करने वाली राष्ट्रविरोधी व असामाजिक ताकतों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राज्य में अपराध और अपराधियों के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति पर मजबूती से कायम रहने की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए राज्य में बंपर सरकारी नौकरियों, नए औद्योगिक निवेश और 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने का बड़ा ऐलान किया। इसके साथ ही, महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ‘मिशन शक्ति’ के अगले चरण, 112 आपातकालीन सेवा के विस्तार, एक्सप्रेसवे नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं के व्यापक विस्तार की घोषणा की।
संबोधन के उपरांत विधानभवन के सामने उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी , होमगार्ड, सिख रेजिमेंट, एनसीसी और स्काउट-गाइड की 20 से अधिक अनुशासित टुकड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और कदमताल के साथ मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। इसके ठीक बाद राज्य सरकार के 13 से अधिक प्रमुख विभागों की आकर्षक और नयनाभिराम झांकियां निकाली गईं। इन झांकियों में अयोध्या धाम के नव-निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना, यूपी एक्सप्रेसवे इंफ्रास्ट्रक्चर और सौर ऊर्जा क्रांति की भव्य झलक ने दर्शकों का दिल जीत लिया और पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरी राजधानी लखनऊ को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया था। विधानभवन और उसके आसपास के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में 3000 से अधिक पुलिस जवानों, एटीएस की स्पेशल कमांडो टीमों और 60 से अधिक मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया था। ऊंची इमारतों पर शार्पशूटर्स और स्नाइपर्स की तैनाती के साथ-साथ परिंदे पर भी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों, एंटी-ड्रोन सिस्टम और सैकड़ों उच्च-क्षमता वाले CCTV कैमरों से चौबीसों घंटे लाइव निगरानी की गई। एकीकृत कमांड सेंटर से पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित किया गया। समारोह का समापन गगन में शांति व समृद्धि के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर और उपस्थित जनसमूह के बीच मिष्ठान वितरण के साथ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
