प्रणव कुमार अभय
*गोपालगंज:* जिले की राजनीति और कानूनी गलियारों से आज की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। कुचायकोट से जदयू (JDU) विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) राहुल तिवारी को भू-माफियाओं को संरक्षण देने के मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने विधायक की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद विधायक समर्थकों में खुशी की लहर है, वहीं इस मामले ने जिले में राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद भू-माफियाओं को कथित तौर पर संरक्षण देने और अवैध जमीन सौदों से जुड़ा हुआ है। इस गंभीर मामले में संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने पूर्व में विधायक और सीए के खिलाफ वारंट जारी किया था। पुलिस की बढ़ती दबिश और गिरफ्तारी की आशंका के बीच मामला आज सुनवाई के लिए अदालत के पटल पर आया। बचाव पक्ष की ओर से दलीलों का दौर शुरू होते ही कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल देखा गया।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब भाजपा सांसद और ‘ऑल इंडिया बार एसोसिएशन’ के चेयरमैन सह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा खुद विधायक पप्पू पांडेय का पक्ष रखने अदालत पहुंचे। दिग्गज अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने कानून की बारीकियों को सामने रखते हुए विधायक और उनके सहयोगी के पक्ष में दमदार दलीलें पेश कीं। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गिरफ्तारी के बजाय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना उचित होगा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने वर्तमान परिस्थितियों और वरिष्ठ अधिवक्ता के तर्कों को ध्यान में रखते हुए गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक पुलिस विधायक पप्पू पांडेय और राहुल तिवारी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई (गिरफ्तारी) नहीं कर सकेगी। हालांकि, अदालत ने इस मामले से जुड़ी जांच को जारी रखने और अगली तारीख पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए हैं।
विधायक पप्पू पांडेय को मिली इस बड़ी राहत के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। एक ओर जहां सत्ता पक्ष के नेता इसे न्याय की जीत बता रहे हैं, वहीं विपक्षी खेमा इस पर पैनी नजर बनाए हुए है। अब सबकी निगाहें मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि विधायक की मुश्किलें कम होंगी या फिर जांच का शिकंजा और कसेगा। फिलहाल, गिरफ्तारी पर रोक लगने से पप्पू पांडेय और उनके सहयोगियों ने राहत की सांस ली है।
