नितिन गुप्ता/प्रणव कुमार
बिहार के शिक्षा जगत में एक नई उम्मीद की किरण जगती दिख रही है ,राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक जनसभा के दौरान बिहार के शैक्षिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया है ,मंत्री ने सार्वजनिक मंच से घोषणा की है कि बिहार सरकार काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की एक शाखा राज्य में स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे
“बिहार पीछे नहीं रहेगा” – मंत्री का संकल्प
संबोधन के दौरान शिक्षा मंत्री ने क्षेत्रीय विकास के असंतुलन पर अपनी चिंता व्यक्त की , उन्होंने कहा, “हम दिल से चाहते हैं कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की एक शाखा बिहार में भी खुले तथा अगर केवल उत्तर प्रदेश आगे बढ़ेगा और बिहार शिक्षा के क्षेत्र में पीछे रह जाएगा, तो देश का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है , उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार के मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े, इसके लिए राज्य के भीतर ही विश्व स्तरीय संस्थानों का होना अनिवार्य है .
जमीन और संसाधनों का पूरा सहयोग
मिथिलेश तिवारी ने केवल इच्छा ही नहीं जताई, बल्कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना भी पेश की ,उन्होंने आधिकारिक तौर पर कहा कि बिहार सरकार की ओर से जल्द ही BHU प्रशासन को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा .
छात्रों और जनता में उत्साह की लहर
मंत्री की इस घोषणा के बाद राज्य के छात्र वर्ग और शिक्षाविदों में भारी उत्साह देखा जा रहा है ,कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस फैसले का स्वागत किया,जानकारों का मानना है कि यदि BHU जैसी प्रतिष्ठित संस्था बिहार में अपनी शाखा खोलती है, तो इससे न केवल शोध और उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे,
अब सबकी निगाहें BHU प्रशासन और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि यह प्रस्ताव धरातल पर उतरता है, तो यह बिहार के शैक्षणिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा .
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