नितिन गुप्ता/प्रणव
उत्तर प्रदेश में बुधवार की शाम कुदरत ने ऐसा खौफनाक मंजर दिखाया कि देखते ही देखते पूरा प्रदेश मातम में डूब गया चक्रवाती हवाओं और भीषण आंधी-तूफान के साथ हुई ओलावृष्टि ने राज्य के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं और अस्पतालों में जीवन-मौत की जंग लड़ रहे है इस आपदा का सबसे क्रूर चेहरा प्रयागराज में देखने को मिला, जहाँ अलग-अलग हादसों में 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई
प्रयागराज और पूर्वांचल में तबाही का मंजर बुधवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज बदला और करीब 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने लगी प्रयागराज के ग्रामीण और शहरी इलाकों में आंधी इतनी तेज थी कि सैकड़ों साल पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गए कहीं दीवार गिरने से पूरा परिवार दब गया, तो कहीं बिजली के हाई-टेंशन तार टूटने से लोग उसकी चपेट में आ गए मिर्जापुर और भदोही में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है यहाँ टिन शेड उड़ने और पेड़ गिरने की वजह से जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स गिरने से यातायात बाधित हो गया और कई वाहन मलबे में तब्दील हो गए इस आंधी और तूफान में
बिजली और संचार व्यवस्था को भी बहुत नुकसान पहुंचा है
तूफान का असर केवल जानमाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने प्रदेश की बुनियादी व्यवस्था को भी हिलाकर रख दिया है हजारों बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर गिरने से आधे से ज्यादा उत्तर प्रदेश में बिजली गुल है मिर्जापुर, भदोही और प्रयागराज के कई इलाकों में संचार सेवाएं (मोबाइल नेटवर्क) ठप हो गई है जिससे राहत कार्य में जुटे प्रशासन को सूचनाएं जुटाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण कई ट्रेनों के पहिए भी थम गए जिससे हजारों यात्री स्टेशनों पर फंसे रहे इस दुर्घटना में शामिल सभी पीड़ितों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजा देने की बात की है
राज्य सरकार ने इस स्थिति को ‘राज्य आपदा’ की तरह लेते हुए सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को तत्काल फील्ड पर उतरने के आदेश दिए है मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और शासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है साथ ही, घायलों के मुफ्त इलाज और जिनके घर गिर गए है उन्हें सरकारी योजना के तहत आवास देने की बात कही गई है इसी बीचमौसम विभाग का अगला अलर्ट आया है कि
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह स्थिति पैदा हुई है विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक के कई जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
