नितिन गुप्ता/प्रणव कुमार
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित ‘माई भारत’ उत्तर-पूर्व दिल्ली द्वारा “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” अभियान के अंतर्गत रविवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, गोकुलपुर, उत्तर-पूर्व दिल्ली के सभागार में जिला स्तरीय युवा प्रतिभा प्रतियोगिता का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। प्रातः 8 बजे आरंभ हुए इस प्रेरणादायी आयोजन में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के सैकड़ों युवाओं ने उत्साह, अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता का अनुपम परिचय देते हुए विविध रचनात्मक विधाओं के माध्यम से स्वस्थ, जागरूक एवं नशामुक्त राष्ट्र निर्माण का सशक्त संदेश दिया।
समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों से जुड़े। इस मौके पर डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज प्राचार्य सदानंद प्रसाद ने अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला है
उन्होंने युवाओं से स्वयं इस बुराई से दूर रहने के साथ-साथ समाज को जागरूक करने का आह्वान करते हुए कहा कि जब कोई नवयुवक नशे की गिरफ्त में आता है, तब उसके साथ परिवार की उम्मीदें और राष्ट्र की संभावनाएँ भी प्रभावित होती हैं। उनके प्रेरणास्पद विचारों ने उपस्थित जनसमूह में सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की।
मुख्य अतिथि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसका युवा वर्ग है यदि नई पीढ़ी शिक्षा, संस्कृति, खेल, नवाचार तथा सामाजिक दायित्वों को जीवन का आधार बनाए रखेगी, तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र साकार होगा,उन्होंने कहा कि कला और सृजनशीलता सामाजिक परिवर्तन के सबसे प्रभावी माध्यम है तथा प्रत्येक प्रतिभागी इस अभियान का सच्चा जनदूत है।
विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने कहा कि नशामुक्ति किसी एक विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित व्यापक सामाजिक आंदोलन है उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नशीले पदार्थों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन तक पहुँचाना प्रत्येक जिम्मेदार व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। युवाओं को परिवर्तन का वाहक बनकर समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन अमृत तथा पौरवी ने किया। उनकी सहज अभिव्यक्ति, उत्कृष्ट संवाद शैली, संतुलित मंच संचालन तथा ऊर्जावान प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को गरिमामय, सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाए रखा। मंच पर उनकी सक्रियता ने प्रत्येक प्रतियोगिता को रोचक एवं प्रेरक स्वरूप प्रदान किया।
प्रतियोगिता के दौरान चित्रकला, नृत्य, नुक्कड़ नाटक, संगीत, स्लैम पोएट्री, वाद-विवाद, रील मेकिंग तथा स्लोगन लेखन जैसी विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक चेतना का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। रंगों की सृजनात्मक अभिव्यक्ति, सुरों की मधुर गूंज, अभिनय की जीवंत प्रस्तुति, तार्किक विमर्श, ओजपूर्ण काव्य पाठ, डिजिटल रचनात्मकता तथा प्रेरक नारों ने पूरे सभागार को जागरूकता, सकारात्मकता और उत्साह से भर दिया।
प्रतियोगिता के परिणामों में चित्रकला वर्ग में इरशाद (डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी उत्कृष्ट कलात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। नृत्य प्रतियोगिता में एसकेवीसी स्कूल ने मनमोहक प्रस्तुति के साथ शीर्ष स्थान अर्जित किया और नुक्कड़ नाटक में म्यूजेक, डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने सामाजिक चेतना पर आधारित प्रभावशाली मंचन के लिए प्रथम स्थान हासिल किया तथा संगीत प्रतियोगिता में स्वरागिनी, डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपनी मधुर प्रस्तुति से निर्णायक मंडल को प्रभावित करते हुए सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया व स्लैम पोएट्री में हिमाक्षी, रील मेकिंग में भूमि कौशिक, वाद-विवाद में तनिस (एपेक्स) तथा स्लोगन लेखन में गुनगुन ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी विशिष्ट प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान प्रदान कर उनके उत्कृष्ट योगदान का अभिनंदन किया गया। आयोजकों ने जानकारी दी कि जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागी आगामी राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तर-पूर्वी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करेंगे तथा अपनी रचनात्मक क्षमता के माध्यम से नशामुक्त भारत के संदेश को देशभर तक पहुँचाएंगे।
पूरे आयोजन के दौरान “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत” तथा “Your Talent Can Build a Strong, Drug Free & Viksit Bharat” जैसे प्रेरक उद्घोष वातावरण में निरंतर गूंजते रहे। विद्यार्थियों, शिक्षकों, निर्णायकों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों एवं विशिष्ट अतिथियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत का संकल्प दोहराते हुए समाज में जनजागरण का संदेश प्रसारित करने का प्रण लिया।
समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी शिक्षण संस्थानों, प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, सहयोगी संगठनों, स्वयंसेवकों तथा अतिथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि ‘माई भारत’ का यह अभियान केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं, बल्कि युवा चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय एकता और स्वस्थ भविष्य के निर्माण का व्यापक जनआंदोलन है। जब देश का प्रत्येक युवा सशक्त, सजग, संस्कारित, रचनाशील तथा नशामुक्त बनेगा, तभी विकसित भारत का स्वप्न वास्तविक उपलब्धि में परिवर्तित होगा।
यह आयोजन उसी राष्ट्रीय संकल्प को नई दिशा, नई गति और नई प्रेरणा प्रदान करने वाला एक ऐतिहासिक, प्रेरक एवं अनुकरणीय प्रयास बनकर सदैव स्मरणीय रहेगा।
