यश पांडेय
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग भर्ती परीक्षा को लेकर पिछले कई महीनों से जारी अनिश्चितता, धांधली के आरोपों और अभ्यर्थियों के व्यापक असंतोष के बीच राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ा ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक की आशंकाओं और पारदर्शिता की कमी को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों युवाओं और विभिन्न छात्र संगठनों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बाद आखिरकार राज्य सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। विवादित भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने और भविष्य में पूरी निष्पक्षता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के मिले ठोस आश्वासन के बाद पूरे छात्र समुदाय में खुशी और बड़ी राहत की लहर दौड़ गई है। इस बड़े फैसले के बाद रांची में छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनकर उभरीं छात्र नेता उम्मे हबीबा ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के लाखों बेरोज़गार युवाओं और संघर्षरत अभ्यर्थियों के अटूट धैर्य व एकजुट प्रयास की ऐतिहासिक जीत करार दिया है।
फैसले पर अपनी विस्तृत और गहरी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए छात्र नेता उम्मे हबीबा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस कदम की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रों के हित में यह त्वरित और साहसिक निर्णय लेकर एक बार फिर यह स्पष्ट रूप से साबित कर दिया है कि यह सचमुच आदिवासियों, मूल निवासियों और स्थानीय युवाओं के अधिकारों की रक्षा करने वाली और उनकी आवाज सुनने वाली सरकार है।
उन्होंने आगे कहा कि “हेमंत है तो हिम्मत है” का नारा सिर्फ एक राजनीतिक स्लोगन नहीं है, बल्कि यह राज्य के युवाओं के विश्वास का प्रतीक है, जिसे मुख्यमंत्री ने इस मुश्किल परीक्षा को रद्द करने का भरोसा देकर पूरी तरह से चरितार्थ किया है। उम्मे हबीबा ने ज़ोर देकर कहा कि भर्ती परीक्षाओं में जारी अनिश्चितता और गड़बड़ियों से मेहनती और प्रतिभावान अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में लटक जाता है, ऐसे में सरकार द्वारा लिया गया यह बड़ा फैसला राज्य के लाखों युवाओं के टूटते मनोबल को बचाने और उनमें व्यवस्था के प्रति फिर से विश्वास बहाल करने का काम करेगा।
इसके साथ ही, छात्र नेता ने इस लंबी और कठिन लड़ाई को राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर मजबूती प्रदान करने वाले राजनीतिक व सामाजिक नेतृत्व के प्रति भी अपना गहरा आभार प्रकट किया। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्रतिनिधियों ने आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों से मुलाकात की, उनका दुख-दर्द समझा और इस संघर्ष में हर कदम पर अडिग समर्थन और भरोसा दिया। उन्होंने इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने वाले साथी रियाज अहमद का आभार जताया, साथ ही राज्य सरकार के मंत्रियों —इरफान अंसारी और दीपिका पांडे सिंह—की भूमिका की भी सराहना की, जिन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के छात्रों की आवाज़ को सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाया। इसके अलावा, उन्होंने आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर अगुवाई करने वाले छात्र नेता जयराम महतो और देवेंद्र महतो सहित सभी सहयोगियों का शुक्रिया अदा किया। उम्मे हबीबा ने कहा कि सभी के एकजुट और अनुशासित प्रयास के कारण ही आज झारखंड के युवाओ को यह न्याय मिल सका हैं।
