रंजना बिष्ट
नई दिल्ली, 4 नवम्बर। थियेटर इन एडुकेशन (टीआईई) राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली द्वारा बाल मजदूरी पर आधारित नाटक उड़ान का मंचन चहुमुख सभागार में किया। नाटक की प्रस्तुतिन विशाल आर महल की है और डिजाइन व निर्देशन ओआसिस सौगइजम ने किया। यह नाटक इतावली लेखक फ्रांसेस्को डी’अदामो के उपन्यास इकबाल पर आधारित है। जो वास्तविक इकबाल मसीह के जीवन पर आधारित है। इकबाल मसीह पाकिस्तान के एक बाल श्रमिक और कार्यकर्ता थे, जो बंधुआ बाल मजदूरी और बाल श्रम के खिलाफ अपने साहसिक संघर्ष के लिए विश्व प्रसिद्ध हुए। 13 वर्ष की आयु में उनकी हत्या कर दी गई, लेकिन उनका संघर्ष आज भी दुनिया भर में बाल अधिकारों के आंदोलन को प्रेरित करता है। नाटक की शुरुआत बाल मजदूरों की अपनी अपनी कहानी से शुरू होती है। कालीन बुनकर के रूप में फंसे बाल बधुआ मजदूर भीषण यातना में कार्य कर रहे हैं। यह नाटक नोवेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की बाल मजदूर कालीन बुनकर की रिपोर्ट की याद दिलाती है। वही सुप्रसिद्ध पत्रकार रामबहादुर राय की जनसत्ता में प्रकाशित रिपोर्ट जिसमें पढ़ाई से समय निकाल बच्चें कालीन बुनते है जो नर्म व मुलायम होती है। जैसे कई सवालों को उड़ान नाटक जन्म देती है। स्वयंसेवी संस्था की भूमिका नाटक में अहम है जो बाल बधुआ मजदूरी से मुक्ति दिलाने में कार्य करती है। नाटक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय के तरफ दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल होता है, शिक्षा से ही सबकुछ बदल सकता है। नाटक के बीच में दर्शक बहुत भावुक हो जाते अंत में नाटक का मुख्य किरदार की हत्या हो जाती जो दर्शकों को बहुत आहत करती है। नाटक का मुख्य किरदार सहंशाह ने निभाया है, वहीं मंच पर सहयोगी कलाकार वानी साइकिया, सिनिग्धा पॉल, राजेश्वरी, मीनाक्षी आदि में बेजोड़ अभिनय किया दर्शकों को नाटक की कहानी में डूब जाने और भावुकता में अश्नु बहाने को मजबूर किया। नाटक के सहायक निर्देशक विद्युत कुमार नाथ, संगीत हुईड्रोम अनिल सिंह, कोरियोग्राफी मानसी कुमारी, वस्त्र सज्जा सारिका भारती और प्रकाश सज्जा डोंजिर दोजी ने किया है।
