नितिन गुप्ता/प्रणव कुमार
डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से छात्राओं के बीच एक विशेष संवाद बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का नेतृत्व श्रद्धा चतुर्वेदी,वर्ष 2025-26 अध्यक्ष पद की प्रत्याशी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के द्वारा किया गया। बैठक में छात्राओं ने महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा की और अपने अनुभवों तथा सुझावों को साझा किया। इस बैठक में कॉलेज परिसर में छात्राओं की सुरक्षा, आने-जाने के दौरान होने वाली परेशानियां, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के प्रति असुरक्षित व्यवहार, छेड़छाड़ एवं उत्पीड़न से बचाव, आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा साइबर माध्यमों पर छात्राओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर बातचीत की गई। छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते परिवार, शिक्षकों, प्रशासन अथवा संबंधित सहायता व्यवस्था तक अपनी बात पहुंचाना जरूरी है। श्रद्धा चतुर्वेदी ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि बेटियों को सुरक्षित वातावरण, समान अवसर और सम्मान देने की सामाजिक जिम्मेदारी है उन्होंने छात्राओं से अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, एक-दूसरे का सहयोग करने और किसी भी समस्या की स्थिति में आवाज उठाने का आह्वान किया। बैठक के दौरान छात्राओं ने कॉलेज में सुरक्षित वातावरण, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी, नियमित संवाद तथा शिकायतों के त्वरित समाधान जैसे विषयों पर भी अपने सुझाव रखे। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि महिला सुरक्षा के लिए केवल व्यवस्था बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्राओं में जागरूकता और आत्मविश्वास पैदा करना भी जरूरी है। बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को डर के माहौल में रखना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक, आत्मविश्वासी और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा। अंत में सभी ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
