नितिन गुप्ता/प्रणव
नई दिल्ली: हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले सांसद संदीप पाठक ने अपने खिलाफ पंजाब में दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया दी है।संदीप पाठक राज्यसभा सांसद और दिल्ली आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर, जिन्हें ‘आप’ की चुनाव रणनीति और संगठन को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने ‘आप’ छोड़ने के अपने फैसले, पंजाब में दर्ज एफआईआर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वह भाजपा में भी उसी ‘नीति और धर्म’ के रास्ते पर काम करते रहेंगे, जिसका उन्होंने ‘आप’ में पालन किया था यह बयान 04 मई 2026 की सुबह का है। यह बयान नई दिल्ली और पंजाब से जुड़ी हुई है।’आप’ छोड़ने के कारणों पर बात करते हुए संदीप पाठक ने बताया कि उन्होंने यह कदम व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि पार्टी के सिद्धांतों और कार्यशैली में लंबे समय से चले आ रहे अंतर के कारण उठाया है। उनका मानना है कि उनका और पार्टी का रास्ता अब अलग है। तथा उन्होंने ने मीडिया से बातचीत में इन मुद्दों पर अपनी चुप्पी तोड़ी। एफआईआर को लेकर उनका कहना है कि उन्हें इसकी कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यदि कोई मामला दर्ज हुआ है, तो यह सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का परिणाम हो सकता है। उन्होंने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में ‘आप’ पार्टी को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राजनीति में सफलता या असफलता उनके लिए मायने नहीं रखती, बल्कि उनका मुख्य उद्देश्य अपने ‘राजनीतिक धर्म’ का पालन करना है। उन्होंने राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के साथ ‘आप’ छोड़ने का हवाला देते हुए बताया कि वे अब अलग सिद्धांतों के साथ काम करेंगे।

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