नितिन गुप्ता/प्रणव कुमार
बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस और जिला प्रशासन ने आधी रात को ऑर्केस्ट्रा संचालकों के ठिकानों पर अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि ऑर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग लड़कियों का शोषण और अनैतिक व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। इस सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस ‘महा-ऑपरेशन’ के दौरान पुलिस ने अलग-अलग केंद्रों से 40 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है, जिन्हें जबरन इस दलदल में धकेला गया था।
बड़े नेटवर्क का खुलासा, 22 धरे गए
कार्रवाई केवल लड़कियों को छुड़ाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस ने मौके से 22 संचालकों और बिचौलियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस छापेमारी से ऑर्केस्ट्रा माफियाओं में भगदड़ मच गई। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन लड़कियों को बेहतर काम का झांसा देकर दूसरे राज्यों और जिलों से लाया गया था और फिर इन्हें बंधक बनाकर ऑर्केस्ट्रा के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनसे इस पूरे नेटवर्क के तार बड़े शहरों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
बाल संरक्षण कानून के तहत सख्त एक्शन
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में पोक्सो (POCSO) एक्ट और बाल श्रम निषेध कानून की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। रेस्क्यू की गई लड़कियों को फिलहाल बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है, जहाँ उनकी काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश जारी है। जिला प्रशासन ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जिले में किसी भी कीमत पर ऑर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिगों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
