प्रणव कुमार दुबे। नई दिल्ली
बिहार के सीतामढी में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जवाहरनगर सुतिहारा में आयोजित सात दिवसीय ‘भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर’ का भव्य समापन हो गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि व विद्यालय के प्राचार्य पंकज अग्रवाल, अभिभावकों तथा प्रतिभागी छात्रों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों ने बेहद आकर्षक स्वागत गीत प्रस्तुत कर आए हुए अतिथियों और अभिभावकों का सत्कार किया। शिविर समन्वयक व प्रधानाध्यापक आर. के. रंजन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एक विशेष पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से सात दिनों तक चलीं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विशेष शिविर के दौरान बच्चों को मुख्य रूप से मैथिली और उर्दू भाषा की बारीकियों से रूबरू कराया गया।
समारोह के दौरान बच्चों ने शिविर में सीखी गई कलाओं का जीवंत और मनमोहक प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने मैथिली और उर्दू भाषाओं में दक्षता हासिल करने के लिए पारंपरिक झिझिया लोक नृत्य, प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग, दैनिक वार्तालाप के तरीकों और स्थानीय क्षेत्र में प्रचलित विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का सहारा लिया, जिसने दर्शकों को बेहद प्रभावित किया। कार्यक्रम में छात्रा साक्षी कुमारी ने मंच से शिविर के दौरान रहे अपने शानदार अनुभवों को साझा किया। इसके बाद आयोजित हुई ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता में अलकुम, हर्ष, मो. हासिल इलफान, रौनक और सौम्यश्री विजेता रहे। समापन पर शिविर में भाग लेने वाले सभी उत्साही बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस बेहतरीन और उद्देश्यपूर्ण आयोजन के लिए उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन व प्राचार्य के प्रति आभार जताया।
मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्य पंकज अग्रवाल ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विविधता—जैसे खान-पान, रहन-सहन और वेशभूषा—पूरे भारत में अलग-अलग है, लेकिन इसके बावजूद हम सब सबसे पहले भारतीय हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाषाएं इंसानों के बीच आपसी प्रेम और जुड़ाव को बढ़ाती हैं, इसलिए हमें अपनी मातृभाषा के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं को भी जरूर सीखना चाहिए। इस पूरे आयोजन में आयुष, पद्मा, सिया, कनिका ठाकुर, ब्यूटी, स्वरांजली, वैदिक वंदन, अभिनव यादव, प्रियंका रानी, कु. प्रशांत, शुभम, यदुवंश, कर्तव्य, दृश्या, शौर्य प्रकाश, पुष्पम्, अरनव और अंकुश सहित कई बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत शिक्षक श्री संजय कुमार, श्रीमती रिजवाना और श्री पी.के. झा की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
