प्रणव कुमार, गोपालगंज
पुलिस कप्तान विनय तिवारी कानून की राज स्थापित करने के लिए दिन- रात पूरी तन्मयता के साथ काम कर रहे. पुलिस का हनक समाज में बना रहे, पुलिस की छवि समाज में बेहतर हो. अपराध करने से लोगों में कनून का डर हो. वहीं कुछ पुलिस अधिकारी खाकी को दागदार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. ताजा मामला मांझा थाना का है. जहां पुलिस ने 23 अप्रैल को इलाके में छापेमारी कर आर्केस्ट्रा के संचालकों पर बडी कार्रवाई की. पांच नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया. पुलिस ने दो को आर्केस्ट्रा संचालिका बता कर अरेस्ट कर लिया. उसमें दोनों को अरेस्ट बता कर एफआइआर भी दर्ज कर लिया गया. उसकी प्रेस विज्ञप्ति भी एसपी ऑफिस से जारी हो गया. उसके बाद पुलिस के कस्टडी से एक संचालिका गायब हो गयी. मांझा पुलिस ने उसे अरेस्ट करने के बदले दूसरी संचालिका के नाम के पीछे उर्फ जोड़कर एफआइआर को ही बदल दिया. मामला तब सामने आया जब इस मामले में अरेस्ट आर्केस्ट्रा संचालिका की जमानत पर जिला जज -6 पंकज कुमार वर्मा की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में सुनवाई हो रही थी. बचाव पक्ष के अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी ने मामले को उठाते हुए मांझा पुलिस के कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाये. उपलब्ध साक्ष्यों को देखने के बाद कोर्ट ने गंभीरता से लिया. कोर्ट ने ना सिर्फ जमानत को मंजूर कर लिया बल्कि मांझा पुलिस से जवाब- तलब करते हुए कहा कि पुलिस ऐसा कैसे कर सकती है. सच क्या है कोर्ट को बताये. पुलिस की ओर से लगाये गये धारा पर भी सवाल उठाये गये है
कैसे बन गयी रानी कुमारी उर्फ रानी बैरागी उर्फ प्रोभाती
मांझा थाना क्षेत्र के नई बाजार में 23 अप्रैल की सुबह नौ बजे रानी आर्केस्ट्रा एवं म्यूजिकल ग्रुप पर छापेमारी किया गया. जहां से पश्चिम बंगाल की दक्षिण 24 परगना जिले के बकुलतला थाना के जाल बैरिया गांव के बबलू बैरागी की पुत्री रानी बैरागी उर्फ रानी कुमारी 23 वर्ष एवं दक्षिण 24 परगना जिले के कोकुलतला थाना के जयनगर गांव की देबु मंडल की पुत्री परोमा उर्फ प्रोभाती 30 वर्ष को अरेस्ट किया. जिसमें कांड संख्या 183/26 दर्ज कर पुलिस द्वारा ऑर्केस्ट्रा संचालिका प्रोभाती उर्फ प्रोमाती से पूछताछ की गई तथा उसके विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की गई. साथ ही, प्रोभाती एवं रानी बैरागी को अभियुक्त बनाया गया. बाद में ऑर्केस्ट्रा संचालिका प्रोभाती उर्फ प्रोमाती गायब हो गयी. तब पुलिस ने उसकी तलाश करने के बदले रानी बैरागी उर्फ रानी कुमारी उर्फ प्रोभाती बना कर फर्द बयान को बदल दिया.
कोर्ट ने धारा पर भी उठाये सवाल
पुलिस की ओर से मांझा थाना कांड संख्या 183/2 में धारा-79, 111, 141, 143, 145,98,296,3 (5) भारतीय न्याय संहिता 13,14 लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण संहिता 2023 अधिनियम 2012, 79 किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015, तथा 16 बाॅडेड लेबर सिस्टम (अबोलिशन एक्ट) के तहत कांड दर्ज है. जिसपर कोर्ट में आपत्ति जताते हुए संगठित गिरोह का सदस्य उसे नहीं माना, लड़कियों व बच्चों को विदेश भेजकर अवैध धंधा कराने की धारा में भी पुलिस कोई साक्ष्य नहीं दे सकी. धारा लगाया तो अश्लील वीडियो कहां है. देह व्यापार का साक्ष्य नहीं, कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं.
मामले की जांच कर होगी कार्रवाई: पुलिस
सिधवलिया एसडीपीओ राजेश कुमार से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनके द्वारा बताया कि मेरे संज्ञान में मामला नहीं है. अगर ऐसा हुआ तो जांच कर दोषी पर कार्रवाई होगी. गलत करने वाले कोई भी हो कार्रवाई तय है.
