नितिन गुप्ता/प्रणव कुमार
जिला प्रशासन के तमाम दावों और सुरक्षा इंतजामों को धता बताते हुए गोपालगंज के कुंवर बथुआ गांव में मुहर्रम के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने रात में जुलूस निकालने और डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आई।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पुलिसिया खौफ को दरकिनार कर यह प्रतिबंधित जुलूस रात के करीब 8:30 बजे तक सड़कों पर धड़ल्ले से घूमता रहा, जिसने प्रशासनिक मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रात के अंधेरे में भारी भीड़ के बीच चमचमाती लाइटों से लैस एक बड़ा डीजे वाहन सड़क पर खड़ा है इस हाई-वोल्टेज डीजे पर न सिर्फ प्रतिबंध के बावजूद तेज आवाज में गाने बजाए जा रहे है, बल्कि भड़काऊ डायलॉग्स भी गूंज रहे है। वहां मौजूद युवा और बच्चे बिना किसी डर के इस हुड़दंग का हिस्सा बने हुए है जिला प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट गाइडलाइन जारी कर डीजे के इस्तेमाल और निर्धारित समय के बाद जुलूस निकालने पर रोक लगाई थी, लेकिन कुंवर बथुआ गांव में पुलिस की इस ‘नो-डीजे’ नीति की सरेआम हवा निकाल दी गई।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब स्थानीय लोगों के बीच पुलिस गश्त और कानून-व्यवस्था को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे है लोगों का कहना है कि जब जिला प्रशासन ने सख्त नियम बनाए थे, तो उनके पालन में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई अब हर किसी की नजरें जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है देखना यह होगा कि वीडियो में दिख रहे नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों और आयोजकों पर पुलिस क्या सख्त कानूनी कदम उठाती है, या फिर इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
