ओमजी गुप्ता
पटना: राजधानी पटना का नवनिर्मित और बेहद लोकप्रिय मरीन ड्राइव रविवार की शाम एक बार फिर अलौकिक और अलौकिक आध्यात्मिक चेतना का मुख्य केंद्र बन गया, वीकेंड की छुट्टी होने के कारण गंगा तट पर आयोजित होने वाली भव्य गंगा आरती को देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ऐसा ऐतिहासिक हुजूम उमड़ा कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची। चारों ओर केवल श्रद्धा, अटूट विश्वास और भक्ति का एक ऐसा विहंगम नजारा देखने को मिला, जिसने आधुनिक पटना के इस खूबसूरत मोड़ को पूरी तरह से सनातन संस्कृति के रंग में सराबोर कर दिया।
शाम ढलते ही जैसे ही आरती का समय हुआ, वैसे ही विशेष रूप से आमंत्रित दो मुख्य पंडितों ने पूरी शुचिता, निष्ठा और कड़े वैदिक विधि-विधान के साथ अनुष्ठान का शुभारंभ किया,पंडितों द्वारा किए गए जोरदार शंखनाद, डमरू की थाप और गगनभेदी वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा घाट और मरीन ड्राइव का विस्तृत इलाका भक्तिमय तरंगों से गूंज उठा,मंत्रों की ध्वनि और धूप-अगरबत्ती की सुगंध ने वहां मौजूद हजारों लोगों को एक पल के लिए मंत्रमुग्ध और भाव-विभोर कर दिया,मां गंगा की स्तुति में गाए जा रहे भजनों पर भक्त झूमते नजर आए।
इस दिव्य और भव्य नजारे का साक्षी बनने के लिए केवल पटना शहर के ही लोग नहीं, बल्कि बिहार के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों से आए पर्यटक भी मरीन ड्राइव पर डटे हुए थे,आरती के आगे बढ़ते ही श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जयकारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। उपस्थित जनसैलाब ने न केवल इस महाआरती में शामिल होकर अत्यंत श्रद्धाभाव से मां गंगा का आशीर्वाद लिया, बल्कि अपने और अपने परिवार की सुख, शांति तथा समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना भी की, इसके बाद हजारों भक्तों ने एक साथ मिलकर मां गंगा की धारा में दीपदान किया।
आरती के दौरान गंगा तट पर जो दृश्य उभरकर सामने आया, वह किसी के भी मन को मोह लेने के लिए काफी था। एक तरफ मरीन ड्राइव की आधुनिक चमचमाती लाइट्स और दूसरी तरफ गंगा की लहरों पर तैरते हजारों जलते हुए दीये, मानो ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे आकाश के सारे सितारे मां गंगा की सेवा में जमीन पर उतर आए हों,विशाल दीपदानों से निकलती अग्नि की लपटें और उनका गंगा के पानी में पड़ता प्रतिबिंब इस पूरे नजारे को एक अद्भुत कैनवास दे रहा था, जिसे लोग अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करने से खुद को रोक नहीं पा रहे थे।
उल्लेखनीय है कि पटना के विभिन्न घाटों, विशेषकर अब मरीन ड्राइव के इस छोर पर नियमित रूप से आयोजित होने वाली यह गंगा आरती अब सिर्फ एक धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं रह गई है। यह आयोजन अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, संस्कृति प्रेमियों और स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था के साथ-साथ बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक बड़े गौरव के रूप में स्थापित हो चुका है,मरीन ड्राइव की आधुनिक वास्तुकला और प्राचीन भारतीय अध्यात्म का यह बेजोड़ संगम न केवल पटना की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है, बल्कि सूबे की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक पटल पर एक नई और भव्य पहचान दे रहा है।

By नवप्रभा टाइम्स

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