ओमजी गुप्ता
पटना: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नीट (NEET) धांधली के विरोध में बुधवार को बिहार की राजधानी पटना की सड़कें जंग के मैदान में तब्दील हो गईं। छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन देखते ही देखते इस कदर बेकाबू हो गया कि शहर के सबसे व्यस्त डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और उग्र भीड़ के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। विधायकों के काफिले पर पथराव, विधायक चोटिल उपद्रव की इस आग में आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधि भी निशाने पर आ गए। बिहार विधानसभा सत्र में भाग लेने जा रहे लौरिया से भाजपा विधायक विनय बिहारी की गाड़ी पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया और शीशे चकनाचूर कर दिए। वहीं, भागलपुर से भाजपा विधायक रोहित पांडेय के काफिले पर हुए जानलेवा पथराव में उन्हें गंभीर चोटें आईं। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव की गाड़ियों को भी भीड़ ने घेरकर रोकने का प्रयास किया। विधायक विनय बिहारी द्वारा इस घटना का मुद्दा विधानसभा में उठाए जाने के बाद सदन में भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
पुलिस IG की गाड़ी समेत 15 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त
प्रदर्शनकारियों के उग्र रुख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पटना आईजी (सेंट्रल रेंज) की एस्कॉर्ट गाड़ी तक के शीशे फोड़ डाले। डाकबंगला चौराहे और जेपी गोलंबर के आसपास खड़ी करीब 10 से 15 सरकारी और निजी गाड़ियों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई स्थानीय व्यापारियों और आम राहगीरों के वाहन भी शामिल हैं।
लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन से खदेड़ा प्रदर्शनकारियों को राजभवन और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस को भारी बैरिकेडिंग करनी पड़ी। जब भीड़ बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ी, तो पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद हुए पुलिस लाठीचार्ज में दर्जनों छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए।प्रशासन की सख्त कार्रवाई: 80 गिरफ्तार, 500 पर FIR हिंसा और तोड़फोड़ की इस गंभीर घटना के बाद पटना पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने मामले में 80 से अधिक उपद्रवियों को मौके से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा 500 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालकर हमलावरों और गाड़ियों में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान मे जुटी है।
