नितिन गुप्ता/प्रणव कुमार
बिहार की राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर बाहुबली विधायक अनंत सिंह एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज और तीखे बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर (FIR) पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें फंसाने के लिए एक गहरी साजिश रची गई है और जो हथियार बरामद हुए हैं, उनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
मीडिया के कैमरों के सामने आत्मविश्वास से लबरेज अनंत सिंह ने कहा कि जिस राइफल की बात की जा रही है, वह उनकी नहीं है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह से ‘गलत’ करार दिया। उनके चेहरे के तेवर और बात करने के तरीके से स्पष्ट था कि वह इस कानूनी लड़ाई को अपने अंदाज में लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अनंत सिंह ने बातचीत के दौरान शासन-प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि एफआईआर में किए गए दावे निराधार हैं। उन्होंने तर्क दिया कि राजनीतिक द्वेष के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुँचाया जा सके। उन्होंने बार-बार दोहराया कि “राइफल वाला मामला हमसे जुड़ा नहीं है,” और इसे सिर्फ एक मनगढ़ंत कहानी बनाया जा रहा है
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अनंत सिंह के समर्थक इसे प्रशासन की तानाशाही बता रहे हैं, वहीं विरोधियों ने चुप्पी साध रखी है। वीडियो में दिख रही भारी मीडिया की उपस्थिति यह दर्शाती है कि अनंत सिंह का प्रभाव आज भी बरकरार है और उनकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब रहते हैं।
फिलहाल, मामला कानूनी प्रक्रिया के अधीन है, लेकिन अनंत सिंह के इन बयानों ने जांच की दिशा और राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है। अब देखना यह होगा कि कोर्ट में इन दावों की कितनी सच्चाई सामने आती है। लेकिन एक बात तो तय है कि अनंत सिंह ने झुकने के बजाय लड़ने का रास्ता चुनकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं।
